दिल्ली के व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से दिवाली के व्यस्त कारोबारी सीजन में दिल्ली में राजनीतिक रैली नहीं करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि रैली से बाजारों में जाम लग सकता है और त्योहार के दौरान व्यापार प्रभावित होने के साथ लाखों लोगों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।
Knews Desk- दिवाली से पहले दिल्ली के व्यापारियों ने राहुल गांधी से अपील की है कि त्योहार के दौरान बाजारों में कारोबार बाधित न हो। CTI ने पोस्टर अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि राहुल गांधी अक्सर ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ खोलने की बात करते हैं, जबकि व्यापारियों की दुकानें भी आपसी विश्वास, प्यार और मोहब्बत के आधार पर चलती हैं।
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि ये पोस्टर राहुल गांधी को आईना दिखाने का प्रयास हैं। उन्होंने चांदनी चौक की परांठे वाली दुकान, खारी बावली के मसाले, सदर बाजार की चूड़ी-बिंदी, चांदनी चौक के लहंगे, दरियागंज के एसी, चावड़ी बाजार के सैनिटरी उत्पाद और करोल बाग की कुल्फी की दुकानों का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, इन दुकानों से कई परिवारों की आजीविका चलती है।
CTI के अनुसार, रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले 20 प्रमुख थोक और खुदरा बाजारों में पोस्टर लगाए जाएंगे। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, नया बाजार, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, दरियागंज, कनॉट प्लेस, करोल बाग, नबी करीम, पहाड़गंज, अजमेरी गेट, लाहौरी गेट, जनपथ, पालिका बाजार, बल्लीमारान और किनारी बाजार शामिल हैं।
बृजेश गोयल ने आशंका जताई कि रैली में 10 लाख लोगों और 20 हजार वाहनों के आने से दिल्ली में यातायात प्रभावित हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि दिवाली के दौरान 20 लाख व्यापारियों का 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने और 75 लाख लोगों की आजीविका पर संकट आने की आशंका है।