नेतन्याहू या आइजनकोट, इजराइल का अगला PM कौन? सरकार गठन पर ट्रंप की नजर

इजराइल में चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर सियासी पेच फंस गया है। बेंजामिन नेतन्याहू और उनके विरोधी गादी आइजनकोट, दोनों के पास बहुमत नहीं है। ऐसे में अमेरिका की भूमिका अहम मानी जा रही है।

Knews Desk- इजराइल में प्रधानमंत्री की कुर्सी को लेकर सियासी खींचतान तेज हो गई है। चुनावी नतीजों के बाद न तो मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास बहुमत है और न ही उनके विरोधी गादी आइजनकोट के पास। ऐसे में सरकार गठन को लेकर अमेरिका की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस दोनों नेताओं के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका चाहता है कि इजराइल में दक्षिणपंथी दलों की सरकार बने। अरब पार्टियों के समर्थन से बनने वाले समीकरण इस रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।

दोनों नेताओं ने दिए संकेत

नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खतरे से निपटने के लिए इजराइल में मजबूत दक्षिणपंथी सरकार बननी चाहिए। वहीं, पूर्व इजराइली सेना प्रमुख गादी आइजनकोट ने अरब पार्टियों का समर्थन लेने से इनकार करते हुए यहूदी सरकार बनाने की बात कही है।

गठबंधन में अमेरिका की भूमिका अहम

नेतन्याहू और आइजनकोट की विचारधारा में समानता और अमेरिकी दबाव को संभावित गठबंधन की वजह माना जा रहा है। लेख के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव के अंतिम दौर में इजराइल की राजनीति में दखल दिया था। मौजूदा मध्य पूर्व की परिस्थितियों में इजराइल के लिए अमेरिका और ट्रंप का विरोध करना आसान नहीं माना जा रहा है।

दोबारा चुनाव का भी खतरा

यदि सरकार का गठन नहीं हो पाता है, तो इजराइल में फिर से चुनाव कराए जा सकते हैं। ऐसा होना आइजनकोट के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, जबकि नेतन्याहू अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर सकते हैं। इस बीच अरब पार्टियों की बढ़ती ताकत ने इजराइल की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं।

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