Knews Desk– भारत के पैरा एथलीट नीरज यादव का 42 साल की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरज ने आत्महत्या की। वह एशियन पैरा गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीत चुके थे और भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के सफल खिलाड़ियों में शामिल थे।नीरज यादव ने साल 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद साल 2023 में हांगझोउ में हुए एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने भाला फेंक और चक्का फेंक, दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे। इस तरह उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया था।
नीरज यादव F55 कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करते थे। उन्हें सात साल की उम्र में पोलियो हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने शुरुआत में व्हीलचेयर टेनिस में भी हाथ आजमाया था, लेकिन बाद में पैरा-एथलेटिक्स को अपना करियर बनाया और बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं।नीरज के निधन की पुष्टि उनके कोच एस. सत्यनारायण ने की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह 2026 में होने वाले आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे, क्योंकि उन पर डोपिंग के मामले में प्रतिबंध लगा था।
हालांकि, डोपिंग प्रतिबंध और नीरज की आत्महत्या के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में उनकी मौत के पीछे की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। उनके निधन से भारतीय पैरा खेल जगत ने एक ऐसे खिलाड़ी को खो दिया है, जिसने तमाम चुनौतियों के बावजूद देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया था।नीरज यादव भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के चर्चित खिलाड़ियों में शामिल थे। उन्होंने एशियाई पैरा खेलों में कुल तीन स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया था। साल 2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके बाद 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने भाला फेंक और चक्का फेंक, दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में इजाफा किया।
नीरज यादव F55 कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करते थे। इस श्रेणी में शॉट पुट, भाला फेंक और चक्का फेंक जैसी स्पर्धाएं शामिल हैं, जिनमें खिलाड़ी बैठकर मुकाबला करते हैं। उन्हें सात साल की उम्र में पोलियो हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने खेलों में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने शुरुआत में व्हीलचेयर टेनिस खेला और बाद में पैरा-एथलेटिक्स की ओर रुख किया। अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर वह अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे।
नीरज यादव का निधन भारतीय पैरा खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है। उनके तीन एशियाई स्वर्ण पदक उनकी खेल उपलब्धियों की गवाही देते हैं। फिलहाल, उनकी मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।