Knews Desk– उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को हुए मतदान के दौरान कई जगहों से हंगामे और कथित बूथ कैप्चरिंग की शिकायतें सामने आईं। इस बीच आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने की सिफारिश की गई है। यह प्रस्ताव रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से भारत निर्वाचन आयोग को भेजा गया है। आयोग की मंजूरी मिलने के बाद इन केंद्रों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा।
जिन तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की सिफारिश की गई है, उनमें खेरागढ़ तहसील परिसर, सैंया स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय और फतेहाबाद स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय शामिल हैं। प्रस्ताव में मतदेय स्थल संख्या 20, तहसील परिसर खेरागढ़ के कक्ष संख्या एक, मतदेय स्थल संख्या 21, क्षेत्र पंचायत कार्यालय सैंया के कक्ष संख्या एक और मतदेय स्थल संख्या 26, क्षेत्र पंचायत कार्यालय फतेहाबाद के कक्ष संख्या एक पर दोबारा मतदान कराने की बात कही गई है।यह मामला समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद सामने आया है। शिक्षक MLC चुनाव में गड़बड़ी की शिकायत करने कमिश्नरी पहुंचे आकाश अग्रवाल ने बीजेपी उम्मीदवार और उनके समर्थकों पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए थे। इस दौरान वह मीडिया के सामने भावुक हो गए थे और रो पड़े थे। उन्होंने दावा किया था कि उनकी सीट पर कई जगह बूथ लूटे गए हैं और उनके पास इसके सबूत हैं।
आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि पुलिस और चुनाव आयोग बूथ कैप्चरिंग रोकने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा था कि यदि उन्हें पहले पता होता कि शिक्षकों और प्रबंधकों के साथ इस तरह की ज्यादती होगी, तो वह चुनाव नहीं लड़ते। उन्होंने अगले महीने लखनऊ में शाही ईदगाह में धर्म परिवर्तन करने का ऐलान भी किया था।आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 59.82 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं, अन्य शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में बरेली-मुरादाबाद में 73.69 प्रतिशत, गोरखपुर-फैजाबाद में 73.32 प्रतिशत, वाराणसी में 69.87 प्रतिशत, मेरठ में 57.64 प्रतिशत और लखनऊ में 52.19 प्रतिशत मतदान हुआ।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा में 49.75 प्रतिशत, वाराणसी में 41.11 प्रतिशत, इलाहाबाद-औसी में 41.40 प्रतिशत, लखनऊ में 39.83 प्रतिशत और मेरठ में 35.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।उत्तर प्रदेश में MLC की 11 सीटों के लिए सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान हुआ था। मतदान के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इटावा में वोट डाला और आरोप लगाया कि सपा समर्थक मतदाताओं को मतदान करने से रोका जा रहा है।अब आगरा के तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान को लेकर भारत निर्वाचन आयोग की स्वीकृति का इंतजार है। आयोग के फैसले के बाद ही दोबारा मतदान की तारीख और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।