फाइव स्टार होटलों में खाना खाने, हाईफाई रेस्तरां में समय बिताने और आलीशान फ्लैट में रहने वाली शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे की जिंदगी अब बदल गई है। जेल में पहली रात उसकी बेचैनी में गुजरी। अब उसे जेल की निर्धारित दिनचर्या के अनुसार रहना पड़ रहा है और खाने से लेकर सोने-जागने तक का समय तय है।
Knews Desk– जेल प्रशासन के मुताबिक, गुरुवार रात जेल में दाखिले के समय श्रद्धा दुबे सामान्य दिखने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसके चेहरे पर तनाव नजर आ रहा था। रातभर वह करवटें बदलती रही और शुक्रवार तड़के कुछ समय के लिए ही सो पाई। सुबह छह बजे जेल प्रशासन ने उसे जगा दिया।
गुरुवार रात के भोजन में उसे साबुत उड़द की दाल, रोटी और आलू-सोया मेथी की सब्जी दी गई। शुक्रवार सुबह सात बजे नाश्ते में मीठी दलिया और चाय परोसी गई। दोपहर करीब 11 बजे भोजन में साबुत उड़द व राजमा की दाल, आलू-लौकी की सब्जी, चावल और रोटी दी गई। रात के खाने में अरहर की दाल, आलू-कद्दू की सब्जी और रोटी शामिल थी। जेल में उससे मिलने भी कोई नहीं आया।
जेल नियमावली के तहत गुरुवार को श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे को क्वारंटीन बैरक में रखा गया था। शुक्रवार शाम को दोनों को 45 महिला कैदियों वाली सामान्य बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया।
लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए पहचानी जाने वाली श्रद्धा को अब जेल की निर्धारित व्यवस्था के बीच रहना होगा। यहां न अपनी पसंद का खाना मंगाने की सुविधा है और न ही अपनी मर्जी से दिनचर्या तय करने की आजादी। जेल प्रशासन के नियमों के अनुसार ही उसे भोजन, आराम और अन्य गतिविधियों के लिए समय निकालना होगा।