IED धमाके में अपना पैर गंवाने वाले पूर्व कमांडो टोमन कुमार ने खेल के मैदान में देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने शीतल देवी के साथ मिलकर मिक्स्ड पैरा आर्चरी इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। पैरा एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का 16वां गोल्ड मेडल है। इस जीत के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
Knews Desk – टोमन कुमार की कहानी संघर्ष और जज्बे की मिसाल है। वह कभी नक्सलियों के खिलाफ अभियान में जुटे कमांडो थे। ड्यूटी के दौरान IED धमाके में उन्हें अपना पैर गंवाना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खेल की दुनिया में अपनी नई पहचान बनाई।
टोमन कुमार ने पैरा तीरंदाज शीतल देवी के साथ मिलकर मिक्स्ड इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया। पैरा आर्चरी में इस साल भारत का यह पहला गोल्ड मेडल है।
भारत के खाते में आया 16वां गोल्ड
पैरा एशियन गेम्स 2026 में टोमन कुमार और शीतल देवी की जीत भारत के लिए अहम रही। यह प्रतियोगिता में भारत का 16वां स्वर्ण पदक है। इस जीत के दम पर भारत ने मेडल टेबल में चौथा स्थान हासिल कर लिया है।
भारतीय पैरा खिलाड़ियों की कहानियां अलग-अलग संघर्षों से जुड़ी हैं। कुछ खिलाड़ी जन्म से दिव्यांग हैं, जबकि कुछ हादसों या दूसरों की जान बचाने की कोशिश में दिव्यांग हुए। टोमन कुमार उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए गंभीर चोट का सामना किया और अब खेलों के जरिए तिरंगा लहरा रहे हैं।