Knews Desk- उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन एक खुली किताब है और वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। उनके पति ने आरोप लगाया है कि मंत्री ने 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई है।
रेखा आर्या ने कहा कि यदि किसी को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर संदेह है, तो वह अपनी इच्छानुसार जांच करा सकता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच का सामना करने की बात कहते हुए कहा कि इससे सच्चाई सामने आ जाएगी। यह विवाद उस समय सामने आया, जब गिरधारी लाल साहू ने अपने खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद एक वीडियो जारी कर मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से किसी जांच एजेंसी के माध्यम से मामले की जांच कराने की मांग भी की। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, साहू ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं किया।
इस मामले में अधिवक्ता पंकज छेत्री ने भी रेखा आर्या के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने के लिए विजिलेंस में लिखित शिकायत दी है। उधर, उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने भी इस मुद्दे पर धामी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को अपने मंत्रियों के कामकाज और सरकारी धन के इस्तेमाल की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
रेखा आर्या ने कहा कि वह अपने पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुकी हैं और उन्हें भरोसा है कि उत्तराखंड पुलिस उनकी शिकायत पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने महिलाओं से अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की। फिलहाल, पति की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों और मंत्री के जवाब के बीच मामले की जांच तथा संबंधित शिकायतों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।