Knews Desk- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत से सशर्त जमानत मिल गई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और शांति बनाए रखने के लिए पीस बॉन्ड पर हस्ता0क्षर करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। उन्हें कनॉट प्लेस में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था।
अभिजीत दिपके को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत शांति भंग करने की आशंका के मामले में हिरासत में लिया गया था। शनिवार को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिली। इससे पहले CJP के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि दिपके को नई दिल्ली स्थित उनके आवास से निवारक हिरासत में लिया गया और अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया था कि दिपके को तुरंत वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। दिपके को ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले एहतियातन हिरासत में लिया गया था। यह मार्च कनॉट प्लेस में प्रस्तावित था।
इस मामले में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया था। उन्हें शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद बोरा ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर निशाना साधा और हिरासत की कार्रवाई को गैर-कानूनी बताया। नेहा बोरा ने दिपके समेत हिरासत में लिए गए अन्य प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग भी की थी। उन्होंने मध्य दिल्ली में कर्फ्यू जैसे माहौल पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी हिरासत की कानूनी वजह स्पष्ट होनी चाहिए।