Knews Desk- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस अभिजीत दिपके के रानी झांसी रोड स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें मार्च नहीं निकालने का नोटिस दिया। सेंट्रल पार्क के आसपास BNSS की धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस ने लोगों से वहां नहीं जाने की अपील की है।
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित तिरंगा मार्च को लेकर शुक्रवार को हलचल तेज हो गई। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकालने का ऐलान किया था। इसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने उनके रानी झांसी रोड स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें मार्च नहीं निकालने का नोटिस दिया। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस देने के लिए 15 से 20 पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे थे।
पुलिस के मुताबिक, सेंट्रल पार्क के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों से सेंट्रल पार्क नहीं जाने की अपील की जा रही है।
दिपके ने CJP के सदस्यों आशुतोष रांका और सौरव दास को तिरंगा फहराने के कारण जेल में डाले जाने का आरोप लगाते हुए मार्च का ऐलान किया था। वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है।
पार्क बंद करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने छोटे दुकानदारों की आजीविका और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिलाया। पीठ ने कहा कि प्रदर्शन के अधिकार, कारोबार और प्रशासन की जिम्मेदारियां आपस में जुड़ी हुई हैं। अदालत ने संकेत दिया कि याचिका को 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।