अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में रात के समय व्लॉग शूट करने पहुंचे बिहार के ट्रैवल व्लॉगर नोमड कुंजन ने निहंग पहरेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। व्लॉगर का दावा है कि उसका कैमरा छीनकर वीडियो डिलीट किए गए, हाथ मरोड़े गए और उसे एक कमरे में ले जाकर जबरन पैर छूने के लिए मजबूर किया गया।
Knews Desk– अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में व्लॉगिंग करने पहुंचे बिहार के व्लॉगर नोमड कुंजन ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर अपने साथ हुई कथित घटना की जानकारी दी है। व्लॉगर के मुताबिक, वह रात के समय स्वर्ण मंदिर का नजारा कैमरे में रिकॉर्ड कर रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद निहंग पहरेदारों ने उसे रोक लिया और उसका कैमरा अपने कब्जे में ले लिया। उसने आरोप लगाया कि कैमरे में मौजूद वीडियो डिलीट करने के साथ ही उसके साथ धक्कामुक्की भी की गई।ृ
नोमड कुंजन ने अपने वीडियो में बताया कि वह गोल्डन टेंपल के रात के नजारे को रिकॉर्ड कर रहा था और उसने कैमरे के सामने केवल इतना कहा था कि रात में स्वर्ण मंदिर का दृश्य कैसा दिखाई देता है। इसी दौरान निहंग पहरेदार वहां पहुंचे और उसका कैमरा छीन लिया। व्लॉगर का दावा है कि कैमरे में मौजूद वीडियो डिलीट किए जाने लगे, जिनमें लुधियाना में रिकॉर्ड किए गए वीडियो भी शामिल थे। उसने आरोप लगाया कि कैमरे को जोर-जोर से हिलाया गया और उसकी सेटिंग्स के साथ भी छेड़छाड़ की गई।
व्लॉगर के अनुसार, जब उसने अपना कैमरा वापस लेने की कोशिश की तो उसके हाथ मरोड़े गए और उसके साथ धक्कामुक्की की गई। उसने बताया कि इस पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन बाद में उसे दूसरे निहंग के पास ले जाया गया, जहां उसके बाकी बचे वीडियो भी डिलीट करवा दिए गए। इनमें कथित मारपीट का वीडियो भी शामिल था।
नोमड कुंजन ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसे जबरन एक कमरे में ले जाया गया। वहां मौजूद निहंगों ने उसे नीचे झुककर उनके पैर छूने के लिए मजबूर किया। व्लॉगर का कहना है कि उसे वीडियो डिलीट होने का उतना दुख नहीं था, क्योंकि कहने पर वह खुद भी उन्हें हटा सकता था। लेकिन उसके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे वह भावुक हो गया और रोने लगा। उसने यह भी दावा किया कि सीसीटीवी कैमरे वाले कमरे में ले जाकर उसके वीडियो डिलीट करवाए गए।
सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नोमड कुंजन बिहार का रहने वाला है और ट्रैवल व्लॉग बनाता है। उसने 10 अक्टूबर को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस घटना से जुड़े वीडियो दो हिस्सों में साझा किए थे। वीडियो में उसने स्वर्ण मंदिर में अपने अनुभव को बेहद खराब बताते हुए अमृतसर आने वाले पर्यटकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी।
वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (SGPC) का कहना है कि गोल्डन टेंपल परिसर में वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं है। कमेटी के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने वालों को पहरेदार रोकते हैं, लेकिन उनके साथ मारपीट नहीं की जाती। व्लॉगर के आरोपों को लेकर सामने आए विवरण में संबंधित घटना पर किसी स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।
स्वर्ण मंदिर में श्रद्धालुओं और वहां के नियमों को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। अप्रैल 2023 में एक युवती अपने गाल पर राष्ट्रीय ध्वज का टैटू बनवाकर दर्शन के लिए पहुंची थी। मुख्य प्रवेश द्वार पर सेवादार ने उसे रोक दिया था। इस दौरान हुई बहस का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सेवादार कथित तौर पर यह कहते दिखाई दिया कि यह पंजाब है, भारत नहीं। मामले पर देशभर में प्रतिक्रिया हुई थी, जिसके बाद SGPC ने आधिकारिक रूप से माफी मांगी थी।
जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सुभान रंगरेज का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह पवित्र सरोवर के किनारे कुल्ला करते और पैर धोते दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद सिख समुदाय और SGPC ने इस पर आपत्ति जताई थी और पुलिस में शिकायत दी गई थी। इसके बाद इन्फ्लुएंसर ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।
अगस्त 2022 में पालकी साहिब की सेवा के दौरान एक बुजुर्ग श्रद्धालु सुरक्षा ग्रिल पार कर उस रास्ते में पहुंच गए थे, जहां से पालकी ले जाई जा रही थी। आरोप है कि वहां तैनात SGPC कर्मचारियों ने उन्हें हटाने के दौरान दुर्व्यवहार और धक्कामुक्की की। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद SGPC अध्यक्ष ने दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए थे।
जून 2024 में गुजरात की फैशन डिजाइनर अर्चना मकवाना ने स्वर्ण मंदिर के परिक्रमा मार्ग पर शीर्षासन करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। SGPC ने इसे सिख मर्यादा का उल्लंघन बताया था। विवाद के बाद SGPC की शिकायत पर अमृतसर पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज की थी। अर्चना ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिलने के बाद गुजरात सरकार ने उन्हें विशेष पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई थी।