Knews Desk– उत्तर प्रदेश सरकार बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता देने के लिए पेंशन की राशि बढ़ाने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, तीनों योजनाओं के लाभार्थियों को मौजूदा 1,000 रुपये के बजाय हर महीने 1,500 रुपये पेंशन मिल सकती है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो प्रत्येक लाभार्थी को प्रतिमाह 500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इससे सालाना पेंशन की राशि 12,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो जाएगी। इस तरह हर लाभार्थी को एक साल में 6,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
सरकार की तैयारी इस प्रस्ताव को नवंबर के दूसरे पखवाड़े में कैबिनेट के सामने रखने की है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बढ़ी हुई पेंशन के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए सरकार अनुपूरक बजट में आवश्यक धनराशि का प्रावधान भी कर सकती है। फिलहाल लाभार्थियों को बढ़ी हुई पेंशन मिलने की तारीख और भुगतान शुरू होने को लेकर अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत प्रदेश में 67 लाख से अधिक बुजुर्गों को लाभ मिलने की उम्मीद है। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के मुताबिक, सरकार बुजुर्गों को आर्थिक संबल देने के लिए प्रतिबद्ध है। पेंशन की राशि बढ़ने से उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में अतिरिक्त सहायता मिल सकेगी।
वहीं, दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि दिव्यांगजनों की पेंशन में बढ़ोतरी उनके आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। सरकार दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत प्रदेश में 12 लाख से अधिक लाभार्थी हैं।निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूसरी तिमाही में इस योजना के तहत 42,35,911 महिलाओं को पेंशन दी जा रही है, जबकि पहली तिमाही में यह संख्या 41,37,176 थी। इस तरह एक तिमाही में 98,735 महिला लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है। पेंशन में प्रस्तावित वृद्धि से इन महिलाओं को भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल सकती है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार की इस प्रस्तावित योजना से बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पेंशन की राशि 1,500 रुपये प्रतिमाह करने का फैसला अभी अंतिम नहीं है। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी है। मंजूरी मिलने के बाद ही यह तय होगा कि बढ़ी हुई राशि कब से लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।