knews desk – दिल्ली में प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था के उल्लंघन की कोशिशों के मामले में पुलिस ने 20 से ज्यादा प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। यह कार्रवाई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य युवा संगठनों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में किए गए प्रदर्शन के बाद की गई है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोपों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है। वहीं, वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर प्रदर्शन के दौरान हंगामा करने वालों की पहचान की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, कनॉट प्लेस, कर्तव्य पथ और बाराखंबा समेत कई इलाकों के थानों में FIR दर्ज की गई हैं। दिल्ली पुलिस प्रदर्शन के दौरान कानून हाथ में लेने के आरोपियों के खिलाफ सख्ती बरत रही है। पुलिस की ओर से वायरल वीडियो और CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रविवार, 11 अक्टूबर को लगातार दूसरे दिन भी राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए दिल्ली में 30 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की तैयारी की गई है। दिल्ली पुलिस ने रविवार को प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।
शनिवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
इससे पहले शनिवार, 10 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने शनिवार को भी प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य परिवहन केंद्रों सहित संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस की ओर से विभिन्न इलाकों में निगरानी और जांच तेज कर दी गई है।
120 से अधिक CAPF कंपनियां तैनात
सुरक्षा व्यवस्था संभालने में दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 120 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं। नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है। यहां संयुक्त पुलिस आयुक्त, उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त स्तर के अधिकारी जमीनी हालात पर नजर रख रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। होटलों, गेस्ट हाउसों, लॉज और धर्मशालाओं में वाहनों की जांच तथा लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया भी तेज की गई है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों को जुटाने की कोशिशों का पता लगाने के लिए पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नजर रख रही है।
पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
दिल्ली पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। यात्रियों को यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक घोषणाओं की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। पुलिस के मुताबिक, स्थिति के अनुसार यातायात प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन लागू किए जा सकते हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली यातायात पुलिस ने नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में यातायात बाधित होने की आशंका जताई है। रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों और हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने तथा प्रभावित इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
CJP का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ उसका अभियान जारी रहेगा। पार्टी ने अपनी मांगें पूरी होने तक कई राज्यों में आंदोलन जारी रखने की बात कही है। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। इस बीच दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई, दर्ज FIR और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मामला चर्चा में बना हुआ है।