Knews Desk- श्रेयस अय्यर की कप्तानी में यह तीसरी बार हुआ है, जब उनकी टीम टी20 क्रिकेट में 240 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद मुकाबला हार गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अय्यर ऐसे पहले कप्तान बन गए हैं, जिनकी कप्तानी में टीमें तीन बार 240 से अधिक रन बनाने के बाद भी लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकीं। इनमें दो मुकाबले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के हैं, जबकि तीसरा मुकाबला भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ गंवाया।
साल 2024 में श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम 261 रन का लक्ष्य बचाने में नाकाम रही थी। इसके बाद साल 2025 में पंजाब किंग्स की कप्तानी करते हुए भी अय्यर की टीम 245 रन बनाने के बावजूद मुकाबला हार गई। अब भारतीय टीम के साथ रांची में 249 रन बनाने के बाद भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लगातार तीन बार बड़े स्कोर के बावजूद मिली इन हार ने उनके कप्तानी रिकॉर्ड को चर्चा में ला दिया है।रांची में मिली हार भारतीय टीम के घरेलू टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड के लिहाज से भी अहम रही। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टीम पहली बार अपने घरेलू मैदान पर किसी टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 250 से अधिक रन खर्च कर बैठी। इसके अलावा, 225 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद मैच गंवाने का यह भारत का पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला बताया गया है। इस नतीजे ने भारतीय गेंदबाजी और फील्डिंग की कमजोरियों को भी उजागर किया।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी के दौरान भारतीय टी20 टीम के प्रदर्शन से जुड़े कुछ अन्य खराब आंकड़ों का भी रिपोर्ट में जिक्र किया गया है। इनमें लगातार मुकाबले गंवाना, बड़े अंतर से हार का सामना करना और टी20 सीरीज में खराब प्रदर्शन शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2024 से मई 2026 के बीच भारतीय टीम ने 61 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले और इनमें सात मैच गंवाए। वहीं, पिछले चार महीनों के दौरान 18 मैचों में सात हार मिली हैं।हालांकि, किसी भी मुकाबले में हार के लिए केवल कप्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। गेंदबाजों का प्रदर्शन, फील्डिंग में हुई गलतियां और विपक्षी टीम की बल्लेबाजी भी नतीजे पर असर डालती है। वेस्टइंडीज के खिलाफ 249 रन बनाने के बाद भी भारतीय टीम का लक्ष्य बचाने में नाकाम रहना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है। अब भारतीय टीम को अपनी रणनीति और गेंदबाजी में सुधार करते हुए आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत होगी।