महाराष्ट्र की राजनीति में NCP (शरदचंद्र पवार) के विलय को लेकर चल रही अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कहीं नहीं जाएगी और किसी अन्य दल के साथ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनके साथ आना है तो वह उनकी पार्टी के साथ आए।
Knews Desk – शरद पवार ने मुंबई में पार्टी की राज्य इकाई की बैठक को संबोधित करते हुए विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हम कहीं नहीं जाने वाले हैं। हम किसी के साथ नहीं जाएंगे। अगर किसी को हमारे साथ आना है, तो हमारे साथ आए।”
पार्टी की राज्य इकाई की यह बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक में संगठन से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति और किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पवार ने बताया कि उन्हें सूखे को लेकर कई मांगें और सुझाव मिले हैं। प्रदेश अध्यक्ष की ओर से दिए गए निर्देश के अनुसार इन मुद्दों को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपने और आंदोलन के दौरान उठाए जाने वाले विषयों पर भी चर्चा हुई।
सूखे को लेकर सरकार से राहत की मांग
शरद पवार ने कहा कि सूखे जैसी स्थिति में प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहने के समय का एक प्रसंग भी साझा किया।
पवार के मुताबिक, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सूखे की स्थिति को लेकर बैठक बुलाई थी। उस दौरान सूखे से निपटने के लिए सांसदों को भी निर्णय लेने के अधिकार देने की बात सामने आई थी।
जालना जिले का उदाहरण देते हुए पवार ने बताया कि वहां बड़े पैमाने पर मोसंबी के बाग थे। उस समय उन्हें जानकारी मिली कि मोसंबी उत्पादकों को पहले कभी आर्थिक सहायता नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में इस मुद्दे को उठाया और मोसंबी की फसल के लिए 25 हजार रुपये की सहायता घोषित की गई।
AI के बढ़ते इस्तेमाल पर भी बोले पवार
बैठक के दौरान शरद पवार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में AI की शिक्षा के लिए बारामती में एक संस्था शुरू की गई है और हाल ही में उन्होंने वहां का दौरा किया।
पवार ने कहा कि संस्थान में उन्होंने रोबोट देखे, जिन्होंने उनके सामने कई गतिविधियां करके दिखाईं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में AI दुनिया की कई समस्याओं को हल करने में उपयोगी साबित हो सकती है। इसलिए इस तकनीक को केवल विशेषज्ञों तक सीमित रखने के बजाय इसे समझने की जरूरत है।
चुनाव में AI के इस्तेमाल का जिक्र
शरद पवार ने चुनाव प्रक्रिया में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल की भी बात की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में AI आधारित तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल आने वाले समय में बढ़ सकता है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से AI से जुड़े लेख पढ़ने, जानकारी हासिल करने और इस तकनीक को समझने की मानसिकता विकसित करने की अपील की।
‘जिसे आना है, हमारे साथ आए’
NCP (शरदचंद्र पवार) के विलय और दूसरी राजनीतिक चर्चाओं पर शरद पवार ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी दूसरे दल में विलय नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का फोकस संगठन को मजबूत करने पर रहेगा।
पवार के बयान के बाद पार्टी की आगे की राजनीतिक दिशा को लेकर चल रही अटकलों पर उनका रुख सामने आ गया है। पार्टी की ओर से अब संगठन को मजबूत करने और किसानों तथा सूखे से जुड़े मुद्दों को उठाने पर जोर दिया जा रहा है।