सिंघवी का ज्ञानेश कुमार पर बड़ा आरोप, दिल्ली-हरियाणा चुनाव रद्द करने की मांग

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग को हाईजैक करने का आरोप लगाया। उन्होंने दिल्ली और हरियाणा विधानसभा चुनाव रद्द करने की मांग करते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

Knews Desk– चुनाव आयोग को लेकर इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य अभिषेक मनु सिंघवी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिंघवी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को हाईजैक कर लिया है। उन्होंने दिल्ली और हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग भी की।

सिंघवी ने कहा कि CEC ने देश को भ्रमित किया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जहां फैसले बहुमत के आधार पर होते हैं, लेकिन उनके आरोप के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने साथियों को भी भ्रमित किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चुनाव आयोग में बहुमत से फैसले होते हैं तो क्या बाकी चुनाव आयुक्त केवल डमी हैं और एक व्यक्ति विशेष ही आयोग को चला रहा है।

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में एक आंतरिक बुलडोजर की तरह काम किया गया। उनके मुताबिक, ज्ञानेश कुमार ने सिर्फ देश को ही भ्रमित नहीं किया, बल्कि अपने साथियों को भी भ्रमित करते हुए चुनाव आयोग को हाईजैक कर लिया। सिंघवी ने आरोप लगाया कि CEC ने Form 6 में बदलाव कर नियमों का उल्लंघन किया है।

राहुल और प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल

इस मामले पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और चुनाव आयुक्तों ने खुद ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र कहां है, इसकी जांच होनी चाहिए और इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि मतदान चोरी भारतीय जनता के खिलाफ अपराध है और यह संविधान पर सीधा हमला है। उन्होंने BJP, RSS और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि न्याय होगा।

दरअसल, चुनाव आयोग को लेकर इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसके बाद कांग्रेस ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने मतदाता सूची और नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में किए गए बदलाव सहित कई फैसलों पर आपत्ति दर्ज की थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कुछ कदमों को अनधिकृत और अवैध बताते हुए अपनी आपत्तियां रिकॉर्ड पर दर्ज कराई थीं। कांग्रेस ने इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।

Form 6 में बदलाव पर भी उठे सवाल

इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट के अनुसार, Form 6 में एक नया सेक्शन जोड़ा गया था। इसमें नए मतदाताओं से उनके या उनके माता-पिता और दादा-दादी के पिछले SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में नाम होने से संबंधित जानकारी मांगी गई।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह बदलाव Registration of Electors Rules, 1960 में संशोधन किए बिना किया गया। इसके बाद चुनाव आयोग के भीतर भी इसको लेकर आपत्ति दर्ज की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने मई में आपत्ति जताते हुए कहा था कि Form 6 एक वैधानिक फॉर्म है और इसमें बदलाव करने के लिए संबंधित नियमों में संशोधन जरूरी है। बाद में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने भी इस आपत्ति से सहमति जताई थी।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पिछले 10 महीनों के दौरान दोनों चुनाव आयुक्तों ने कम से कम 14 मौकों पर चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और कदमों पर आपत्ति दर्ज की। इनमें मतदाताओं के नाम जोड़ने, नाम हटाने और चुनावी डेटा से जुड़े IT सिस्टम के केंद्रीकरण को लेकर उठाए गए सवाल भी शामिल हैं।

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