जुड़वां बेटियों के नामकरण में शामिल होने पहुंचा काला जठेड़ी, 6 घंटे की पैरोल पर कड़ी सुरक्षा में गांव लाया गया

तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को अपनी जुड़वां बेटियों के नामकरण संस्कार में शामिल होने के लिए छह घंटे की कस्टडी पैरोल मिली। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक की पैरोल के दौरान वह सोनीपत के जठेड़ी गांव स्थित अपने घर पहुंचा, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

Knews Desk– तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी रविवार को अपनी जुड़वां बेटियों के नामकरण संस्कार में शामिल होने के लिए सोनीपत पहुंचा। अदालत से मिली छह घंटे की कस्टडी पैरोल के तहत उसे सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक अपने परिवार के साथ रहने की अनुमति दी गई है। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस की भारी तैनाती के बीच उसे सोनीपत के राई क्षेत्र स्थित जठेड़ी गांव लाया गया।

काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा चौधरी ने करीब तीन महीने पहले जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। अब परिवार की ओर से दोनों बच्चियों के नामकरण संस्कार का आयोजन किया गया है। इसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए काला जठेड़ी की तरफ से कस्टडी पैरोल के लिए आवेदन किया गया था, जिसे मंजूर कर लिया गया।

काला जठेड़ी के गांव पहुंचने से पहले ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की थीं। उसके घर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। घर को भी नामकरण समारोह के लिए सजाया गया है। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और हवन-यज्ञ की रस्में आयोजित की जानी हैं।

पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद काला जठेड़ी को वापस जेल ले जाया जाएगा। उसे पुलिस की निगरानी में ही गांव लाया गया है और कार्यक्रम के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

यह पहली बार नहीं है जब काला जठेड़ी को पारिवारिक कारणों से जेल से बाहर आने की अनुमति मिली हो। इससे पहले जुड़वां बेटियों के जन्म के बाद उसे अपनी पत्नी और नवजात बेटियों से मुलाकात के लिए चार घंटे की कस्टडी पैरोल दी गई थी। मार्च 2024 में अपनी शादी के दौरान भी उसे कस्टडी पैरोल मिली थी।

संदीप उर्फ काला जठेड़ी पर दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बताया जाता है कि उसने वर्ष 2009 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद उसका नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आया। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में बंद है और कड़ी सुरक्षा के बीच उसे पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सीमित अवधि की पैरोल दी गई है।

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