विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर NMDC ने बैलाडीला के प्रतिबंधित खदान क्षेत्र को आम लोगों के लिए खोला। छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा और तेलंगाना से भी हजारों लोग पहुंचे। बचेली से आकाशनगर तक सड़क पर करीब 22 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।
Knews Desk- बस्तर की बैलाडीला खदानें साल में सिर्फ एक दिन आम लोगों के लिए खोली जाती हैं। विश्वकर्मा पूजा के मौके पर गुरुवार को जब खदान क्षेत्र के दरवाजे खुले तो बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच गए। इस बार छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा और तेलंगाना से भी पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचे। कुल मिलाकर 15 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
हर साल विश्वकर्मा पूजा के दिन NMDC की ओर से बैलाडीला के प्रतिबंधित खदान क्षेत्र में आम लोगों को प्रवेश दिया जाता है। सामान्य दिनों में सुरक्षा कारणों के चलते इस इलाके में आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहती है। यही वजह है कि इस खास दिन यहां लोगों की भारी भीड़ जुटती है और पूरे इलाके में मेले जैसा माहौल नजर आता है।
बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का असर ट्रैफिक पर भी दिखाई दिया। बचेली से आकाशनगर तक करीब 22 किलोमीटर लंबे घुमावदार पहाड़ी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क पर काफी दूर तक गाड़ियां ही गाड़ियां दिखाई दीं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बाइक से आने वाले लोगों के लिए हॉकी ग्राउंड में पार्किंग की व्यवस्था की। यहां से लोगों को आकाशनगर तक पहुंचाने के लिए पांच बसें भी लगाई गईं।
खदान क्षेत्र के भीतर भगवान विश्वकर्मा की आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। लोगों ने यहां पहुंचकर झांकियों के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी का प्रसाद भी वितरित किया गया। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और CISF के जवानों को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तैनात किया गया था।
बैलाडीला का यह इलाका अपनी ऊंचाई और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। खदान क्षेत्र की ओर जाने वाला पहाड़ी रास्ता कई जगहों पर बादलों और कोहरे से घिरा नजर आता है। ऊंचाई से आसपास का नजारा लोगों को काफी रोमांचित करता है। यही वजह है कि विश्वकर्मा पूजा के दिन मिलने वाली इस एक दिन की एंट्री को देखने और खदान क्षेत्र का अनुभव लेने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं।