₹4.08 लाख करोड़ का बजट और 19 नई नीतियां… भूपेंद्र पटेल सरकार के 5 साल का रिपोर्ट कार्ड

गुजरात में विकास को नई दिशा देने के लिए सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया है. सरकार ने नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ विकसित गुजरात @2047 का रोडमैप भी तैयार किया है.

Knews desk- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के पांच साल के कार्यकाल में राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया. सरकार ने भविष्य की तकनीकों, औद्योगिक निवेश, शहरी सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. 4.08 लाख करोड़ रुपये का बजट, 19 नई नीतियां और क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों में हुए समझौते राज्य की विकास यात्रा की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं.

गुजरात में निवेश को राज्य के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गईं. इन सम्मेलनों के दौरान कुल 17.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए. सरकार का दावा है कि इन पहलों से औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है.

तकनीक आधारित उद्योगों में गुजरात की भूमिका मजबूत करने के लिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर खास जोर दिया गया. राज्य में छह सेमीकंडक्टर प्लांट को मंजूरी मिली है, जिनमें से तीन में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है. इसके अलावा एआई और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

यूसीसी से डिजिटल सेवाओं तक प्रशासनिक सुधार

भूपेंद्र पटेल सरकार के कार्यकाल में गुजरात में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी विधेयक पारित किया गया. सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य समानता, न्याय और एकता के सिद्धांतों को मजबूत करना है. वहीं, डिजिटल गुजरात के माध्यम से सरकारी सेवाओं को पेपरलेस, कैशलेस और फेसलेस बनाने की दिशा में भी काम किया गया है.

नीति आयोग की तर्ज पर गुजरात स्टेट इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन यानी जीआरआईटी का गठन किया गया. इसके साथ ही गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग यानी जीएआरसी की स्थापना की गई. इन संस्थाओं के जरिए डेटा आधारित नीति निर्माण, प्रशासनिक दक्षता और परिणामोन्मुखी शासन को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप गुजरात ने विकसित गुजरात @2047 का रोडमैप तैयार किया. इस योजना के तहत राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से सक्षम और समावेशी विकास वाला प्रदेश बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.

2025 को शहरी विकास वर्ष के रूप में मनाया

गुजरात सरकार ने वर्ष 2025 को शहरी विकास वर्ष घोषित किया. इसके तहत शहरों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर परिवहन व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया. सरकार का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता और ईज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाना है.

युवाओं और बच्चों के विकास के लिए गुजरात सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं. बेटियों को माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा जारी रखने के लिए नमो लक्ष्मी योजना लागू की गई. विज्ञान संकाय में पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना शुरू की गई.

इसके अलावा, प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को मध्याह्न भोजन के साथ पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए नमो श्री योजना लागू की गई.

राजस्व विभाग में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

नागरिकों को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए राजस्व प्रक्रियाओं में सुधार किए गए. तकनीक के इस्तेमाल और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के जरिए लोगों के लिए सरकारी कामकाज को अधिक सुविधाजनक और तेज बनाने का प्रयास किया गया.

पिछले पांच वर्षों में गुजरात ने जी-20 बैठकों, वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट और ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट एंड एक्सपो 2024 जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी की. इन आयोजनों के जरिए राज्य को निवेश और व्यापार के वैश्विक मंच पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला. गुजरात वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी के लिए भी तैयारी कर रहा है.

रिन्यूएबल एनर्जी और एआई में नई संभावनाएं

गुजरात सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों को विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया है. औद्योगिक निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े प्रयासों के जरिए राज्य को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया है.

सरकार के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में लागू की गई 19 नीतियों और विभिन्न विकास योजनाओं ने गुजरात के लिए नए अवसरों की नींव रखी है. इन पहलों के जरिए विकसित गुजरात और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.

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