KNEWS DESK- मुंबई का लालबागचा राजा देश-विदेश के गणेश भक्तों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है. गणेशोत्सव के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. भक्तों का विश्वास है कि लालबागचा राजा के दरबार में मांगी गई मन्नत पूरी होती है. यही वजह है कि इन्हें नवसाचा गणपति यानी मन्नत पूरी करने वाले गणपति के नाम से भी जाना जाता है.
हर साल गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक चलने वाले उत्सव में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार बप्पा को कई तरह की चीजें चढ़ाते हैं. इनमें सामान्य पूजा सामग्री से लेकर सोने और चांदी की कीमती वस्तुएं तक शामिल होती हैं. आइए जानते हैं कि लालबागचा राजा को भक्त क्या-क्या अर्पित करते हैं और इन चढ़ावों का आगे क्या होता है.
लालबागचा राजा को कौन-कौन सी चीजें चढ़ाई जाती हैं?
गणपति पूजा में दूर्वा, फूल, सिंदूर, मोदक, फल, नारियल, अक्षत और मिठाई चढ़ाने की परंपरा है. लालबागचा राजा के दर्शन के दौरान भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार इन चीजों का भोग लगाते हैं. भगवान गणेश को मोदक विशेष प्रिय माना जाता है. इसलिए भक्त मोदक का भोग लगाकर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं. इसके अलावा नारियल, फूलों की माला और अन्य पूजन सामग्री भी अर्पित की जाती है.
सोने-चांदी का चढ़ावा क्यों रहता है चर्चा में?
लालबागचा राजा के यहां चढ़ावे की सबसे खास बात सोने और चांदी की वस्तुएं हैं. कई श्रद्धालु मन्नत पूरी होने के बाद अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार कीमती वस्तुएं अर्पित करते हैं. इनमें सोने की चेन, अंगूठी, हार, मुकुट, मोदक, गणेश प्रतिमा और चांदी की धार्मिक वस्तुएं शामिल हो सकती हैं. कुछ भक्त सोने या चांदी की दूर्वा, मूषक और अन्य प्रतीकात्मक वस्तुएं भी चढ़ाते हैं. हालांकि, हर साल चढ़ाई जाने वाली वस्तुओं की संख्या और प्रकार अलग-अलग हो सकते हैं. यह पूरी तरह भक्तों की श्रद्धा और उनकी मन्नत पर निर्भर करता है.
मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं खास चीजें
लालबागचा राजा को मन्नतों का गणपति माना जाता है. श्रद्धालु संतान प्राप्ति, स्वास्थ्य, व्यापार में सफलता और परिवार की खुशहाली जैसी मनोकामनाओं के लिए बप्पा से प्रार्थना करते हैं. मन्नत पूरी होने के बाद कई भक्त सोने का मुकुट, चेन, अंगूठी या चांदी की धार्मिक वस्तु अर्पित करते हैं. कुछ लोग मोदक, नारियल और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाकर भी अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान को चढ़ावे का महत्व उसकी कीमत से अधिक भक्त की भावना में होता है.
चढ़ावे में मिले सोने-चांदी का क्या होता है?
लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल में भक्तों की ओर से अर्पित की गई कीमती वस्तुओं को लेकर हर साल चर्चा होती है. मंडल की परंपरा के अनुसार, गणेशोत्सव के बाद सोने-चांदी की वस्तुओं की नीलामी की जाती है.
इस नीलामी से प्राप्त धनराशि का उपयोग सामाजिक कार्यों और जरूरतमंदों की सहायता के लिए किया जाता है. इस तरह भक्तों की श्रद्धा से अर्पित की गई वस्तुएं समाज के काम भी आती हैं.
कब से शुरू होगा 2026 का गणेशोत्सव?
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी. इसी के साथ मुंबई में गणपति उत्सव की शुरुआत होगी. लालबागचा राजा के दर्शन के लिए इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद रहती है. Lalbaugcha Raja: मन्नत पूरी होने पर बप्पा को चढ़ाते हैं सोने-चांदी की चीजें, जानें क्या-क्या होता है अर्पितलालबागचा राजा का दरबार भक्तों के लिए केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि विश्वास, मन्नत और सेवा की परंपरा का प्रतीक भी है.