चोट से वापसी के बाद हर्षित राणा को सीधे टीम इंडिया में शामिल किए जाने पर पूर्व क्रिकेटर सदागोपन रमेश ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने खिलाड़ियों के लिए समान नियम लागू करने की मांग की है.
Knews Desk- इंग्लैंड दौरे के दौरान चोटिल हुए तेज गेंदबाज हर्षित राणा अब पूरी तरह फिट होकर टीम इंडिया में लौट आए हैं. उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है. हालांकि, उनके चयन को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सदागोपन रमेश ने हर्षित राणा के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या BCCI अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग नियम अपना रहा है. अपने यूट्यूब चैनल पर रमेश ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी.
रमेश ने कहा कि जसप्रीत बुमराह ने पिछले साल नवंबर के बाद से कोई लाल गेंद का मुकाबला नहीं खेला है, इसलिए उन्हें चयन से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ इंडिया ए के मैच खेलने की सलाह दी जा रही है. उनके मुताबिक, यह फैसला सही है, क्योंकि खिलाड़ी की मैच फिटनेस देखना जरूरी है.
लेकिन दूसरी ओर, घुटने की चोट और सर्जरी से वापसी करने वाले हर्षित राणा को बिना किसी मैच में उतारे सीधे भारतीय टीम में चुन लिया गया. रमेश ने इसे लेकर सवाल किया कि अगर कुछ खिलाड़ियों को फिटनेस और मैच अभ्यास साबित करना जरूरी है, तो फिर हर्षित राणा के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया गया.
खिलाड़ियों के लिए समान नियम की मांग
सदागोपन रमेश ने कहा कि हर खिलाड़ी के लिए चयन के नियम एक जैसे होने चाहिए. उन्होंने बुमराह और मोहम्मद शमी का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थापित खिलाड़ियों को भी अपनी फिटनेस साबित करने के लिए कहा जा रहा है, जबकि हर्षित को चोट से लौटने के तुरंत बाद टीम में शामिल कर लिया गया.
रमेश ने यह भी कहा कि BCCI की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट वजह या सफाई सामने नहीं आई है. उनके मुताबिक, खिलाड़ियों के बीच इस तरह का अंतर नहीं होना चाहिए.
पांच टी20 मैचों के बाद लगी थी चोट
हर्षित राणा ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर कुल पांच टी20 मुकाबले खेले थे. इसके बाद उन्हें एक बार फिर हैमस्ट्रिंग की समस्या का सामना करना पड़ा. फिटनेस टेस्ट में पास होने के बाद उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है.
रमेश का सवाल यही है कि जब हर्षित राणा चोट से वापसी के बाद सीधे टीम में जगह बना सकते हैं, तो बुमराह को टेस्ट टीम में शामिल करने से पहले इंडिया ए के मुकाबले खेलने की जरूरत क्यों पड़ रही है? उन्होंने चयन प्रक्रिया में सभी खिलाड़ियों के लिए समान मानदंड अपनाने की बात कही है.