मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। कम दूरी की सवारी लेने से इनकार करने या यात्रियों को बेवजह इंतजार कराने वाले ड्राइवरों के खिलाफ रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) ने सख्त कार्रवाई की तैयारी की है। यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए परिवहन विभाग ने मुंबई के अलग-अलग इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाने का फैसला किया है।
Knews Desk – मुंबई में अक्सर यात्रियों को कम दूरी के लिए ऑटो या टैक्सी लेने में परेशानी होती है। कई ड्राइवर कम किराए के कारण छोटी दूरी की सवारी स्वीकार नहीं करते। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। अब ऐसे मामलों में RTO की टीमें ड्राइवरों की जांच करेंगी। सवारी से इनकार करने के अलावा मनमाना किराया मांगने वाले ड्राइवर भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
मुंबई के ताड़देव, वडाला, अंधेरी और बोरीवली RTO अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाएंगे। इसके लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी, जो रेलवे स्टेशनों, बस डिपो और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी करेंगी। यात्रियों को सवारी देने से इनकार करने, उन्हें लंबे समय तक इंतजार कराने या अन्य तरह से परेशान करने वाले ड्राइवरों की जांच की जाएगी।
ताड़देव RTO ने की कार्रवाई
ताड़देव RTO की ओर से पिछले पांच महीनों में 207 टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस दौरान करीब 5.33 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि 167 ड्राइवरों को नोटिस भी जारी किए गए।
बोरीवली RTO ने पिछले दो महीनों में 173 वाहनों की जांच की। जांच के दौरान 25 मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 62,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 25 ड्राइवरों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए।
वडाला RTO ने यात्रियों की 46 शिकायतों पर कार्रवाई की है। इनमें सवारी लेने से इनकार करने से जुड़े मामले भी शामिल हैं। परिवहन विभाग अब खास तौर पर उन शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है, जिनमें बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को ऑटो या टैक्सी में बैठाने से मना करने की बात सामने आई है।
RTO के इस अभियान से साफ है कि मुंबई में यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने से इनकार करना या मनमाना व्यवहार करना ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए भारी पड़ सकता है।