Knews Desk – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वैश्विक अस्थिरता, तेल की कीमतों से जुड़ी चुनौतियों, भारत की आर्थिक वृद्धि, UPI और देश के फिनटेक सेक्टर की उपलब्धियों पर बात की।
पीएम मोदी ने कहा कि इस समय दुनिया संघर्ष और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। तेल को लेकर भी वैश्विक स्तर पर तनाव देखने को मिल रहा है। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में अप्रैल से जून की तिमाही के दौरान भारत की जीडीपी का 7.8 फीसदी की दर से बढ़ना दुनिया के लिए भरोसे का संकेत है।
उन्होंने कहा कि मुश्किल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत की वैश्विक साख मजबूत हो रही है और विकसित भारत का संकल्प लगातार आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में लगातार तीसरी बार शामिल होने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह उनकी एक और ‘हैट्रिक’ है। उनके मुताबिक, 2024 में लगातार तीसरी बार सरकार बनने के बाद अब इस फेस्ट में लगातार तीसरी बार शामिल होना भी एक खास उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि विकसित भारत के निर्माण में फिनटेक सेक्टर की भूमिका कितनी अहम है।
विकसित भारत को लेकर बढ़ा भरोसा
प्रधानमंत्री ने फिनटेक फेस्ट में युवाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर बार इस आयोजन में पहले से ज्यादा युवा नजर आते हैं और उनमें नई ऊर्जा दिखाई देती है। युवाओं के भीतर जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ रही है और उनके सपने भी बड़े हो रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि इन बदलावों को देखकर विकसित भारत के भविष्य को लेकर उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UPI को भारत के फिनटेक सेक्टर की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि UPI ने बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग और औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब डिजिटल वित्तीय क्षेत्र में अपने नियम और मानक खुद तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने UPI की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई है।
RBI गवर्नर ने गिनाईं फिनटेक की उपलब्धियां
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पिछले एक दशक में फिनटेक ने भारत की वित्तीय व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। डिजिटल तकनीक ने बैंकिंग सेवाओं को केवल बैंक शाखाओं तक सीमित रखने के बजाय सीधे लोगों तक पहुंचाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि आज छोटे शहरों के दुकानदारों से लेकर गांवों के किसानों और बड़े शहरों के युवा प्रोफेशनल्स तक डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। UPI, आधार-आधारित भुगतान प्रणाली और जनधन जैसे डिजिटल इकोसिस्टम ने लेन-देन, बचत और कर्ज जैसी वित्तीय सेवाओं को लोगों के लिए आसान बनाया है।
RBI गवर्नर के मुताबिक, वित्तीय समावेशन अब केवल सरकारी नीति का लक्ष्य नहीं रह गया है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों के रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन चुका है। फिनटेक ने देश की बड़ी और विविध आबादी को कम लागत में तेजी से औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।