Knews Desk – सोनीपत के गांव कालूपुर में करीब पांच साल पहले हुए जगदीश हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सिरोही की अदालत ने मामले में एक ही परिवार के छह लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर अलग-अलग धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि में से 1.50 लाख रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे।
मामला 3 जून 2021 का है। गांव कालूपुर में उपले रखने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप के मुताबिक, इसी दौरान एक पक्ष के लोगों ने जगदीश और उसके परिवार पर हमला कर दिया।
एफआईआर के अनुसार, घटना के बाद पीड़ित परिवार पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। हमले में कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे और लोहे के पाइप का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी। हमले में संतरा के पति जगदीश गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
छह आरोपियों को अदालत ने माना दोषी
मामले की लंबी सुनवाई और साक्ष्यों की जांच के बाद अदालत ने सुरेश, संतरो, अमित, सुमित, रमेश और सिकंदर को दोषी करार दिया। कोर्ट ने सभी छह दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 120B और 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई।
इसके अलावा धारा 148 के तहत एक साल की सजा और 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं धारा 149 के तहत छह महीने की सजा और 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। धारा 120B और 302 के तहत प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पीड़ित परिवार को मिलेंगे 1.50 लाख रुपये
अदालत ने आदेश दिया है कि दोषियों से वसूले जाने वाले जुर्माने में से 1.50 लाख रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएं। सरकारी अधिवक्ता रोशनी दुहन ने बताया कि करीब पांच साल पुराने इस मामले में अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।
लंबे समय तक चली कानूनी कार्रवाई के बाद आए इस फैसले से परिवार को राहत मिली है। अदालत ने मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका के आधार पर छह लोगों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।