BRICS में मोदी-पुतिन की मुलाकात पर नजर, Su-30MKI को मिल सकती है 300 KM रेंज वाली रूसी मिसाइल

Knews Desk – भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर BRICS समिट के दौरान एक अहम प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक में भारतीय वायुसेना के Su-30MKI लड़ाकू विमानों के लिए लंबी दूरी की रूसी RVV-BD एयर-टू-एयर मिसाइल पर भी बातचीत हो सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 300 किलोमीटर तक की मारक क्षमता वाली RVV-BD को Su-30MKI के साथ जोड़ने के लिए जरूरी तकनीकी बदलावों और इंटीग्रेशन पर विचार किया जा रहा है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो भारतीय वायुसेना की Beyond Visual Range यानी BVR युद्धक क्षमता और मजबूत हो सकती है।

इस बार BRICS समिट का आयोजन दिल्ली में हो रहा है। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और रक्षा संबंधों को देखते हुए मोदी-पुतिन की बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ऐसे में Su-30MKI के लिए RVV-BD का प्रस्ताव दोनों देशों के रक्षा एजेंडे में जगह बना सकता है। हालांकि, अभी इसे संभावित प्रस्ताव के तौर पर ही देखा जा रहा है और डील को लेकर अंतिम फैसला होना बाकी है।

300 KM की रेंज वाली मिसाइल क्यों खास?

RVV-BD को रूस की R-37M मिसाइल का एक्सपोर्ट वर्जन माना जाता है। इसकी रेंज करीब 300 किलोमीटर तक बताई जाती है और इसकी अधिकतम गति लगभग Mach 6 होने का दावा किया जाता है।

लंबी दूरी की इस तरह की मिसाइल का इस्तेमाल सिर्फ दुश्मन के लड़ाकू विमानों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि AWACS, AEW&C, एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर और दूसरे हाई-वैल्यू एयरक्राफ्ट के खिलाफ भी किया जा सकता है।

भारतीय वायुसेना के पास 260 से ज्यादा Su-30MKI विमान हैं और इन्हें वायुसेना के लड़ाकू बेड़े की रीढ़ माना जाता है। इन विमानों को नए रडार, एवियोनिक्स और सेंसर से अपग्रेड करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

अगर RVV-BD को इन अपग्रेडेड Su-30MKI के साथ इंटीग्रेट किया जाता है, तो लंबी दूरी से दुश्मन के विमानों को पहचानने और उन्हें निशाना बनाने की क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हो सकती है।

रूस के साथ सहयोग के बीच स्वदेशी अस्त्र भी जारी

भारत रूस से लंबी दूरी की मिसाइल हासिल करने की संभावना पर विचार कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही स्वदेशी एयर-टू-एयर मिसाइलों को विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

DRDO अस्त्र मिसाइल परिवार को लगातार विकसित कर रहा है। आने वाले समय में ज्यादा रेंज वाली स्वदेशी मिसाइलें भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की हवाई युद्ध क्षमता को और मजबूत कर सकती हैं।

क्या मोदी-पुतिन बैठक के बाद आगे बढ़ेगी डील?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या BRICS समिट के दौरान होने वाली मोदी-पुतिन बातचीत के बाद RVV-BD को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

अगर भारत इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है और दोनों देशों के बीच कीमत, तकनीकी इंटीग्रेशन तथा मिसाइलों की सप्लाई को लेकर सहमति बनती है, तो Su-30MKI को लंबी दूरी की रूसी एयर-टू-एयर मिसाइल से लैस करने की दिशा में अहम कदम उठाया जा सकता है।

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