बार-बार चेहरे पर हो रहे हैं पिंपल्स? नीम और एलोवेरा से बनाएं ये आसान फेस पैक

KNEWS DESK- अगर चेहरे पर बार-बार मुंहासे निकल आते हैं और ऑयली स्किन की वजह से परेशानी बढ़ जाती है, तो स्किनकेयर रूटीन में नीम का इस्तेमाल किया जा सकता है. नीम और एलोवेरा से तैयार यह आसान फेस पैक त्वचा को शांत रखने और अतिरिक्त ऑयल को मैनेज करने में मदद कर सकता है. हालांकि, संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए.

चेहरे पर एक पिंपल निकलना और उसके ठीक होने के बाद कुछ ही दिनों में दूसरी जगह नया दाना नजर आ जाना काफी परेशान करने वाला हो सकता है. खासतौर पर ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. ऐसे में कई लोग लगातार अलग-अलग स्किनकेयर प्रोडक्ट्स आजमाने लगते हैं.

अगर आप घर पर कोई आसान विकल्प आजमाना चाहते हैं, तो नीम और एलोवेरा से बना फेस पैक इस्तेमाल कर सकते हैं. नीम में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जिनमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हो सकते हैं, जबकि एलोवेरा त्वचा को ठंडक और नमी देने में मदद कर सकता है. हालांकि, यह पिंपल्स का इलाज नहीं है और लगातार या गंभीर एक्ने की स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है.

नीम फेस पैक बनाने के लिए चाहिए ये चीजें

  • नीम पाउडर- 1 चम्मच
  • एलोवेरा जेल- 1 से 2 चम्मच
  • पानी- जरूरत के अनुसार

अगर संभव हो तो साफ और अच्छी तरह सूखे नीम के पत्तों से तैयार किया गया नीम पाउडर इस्तेमाल करें.

ऐसे तैयार करें फेस पैक

सबसे पहले एक साफ कटोरी में एक चम्मच नीम पाउडर लें. इसमें एक से दो चम्मच एलोवेरा जेल डालें. अब जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी मिलाकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लें. पेस्ट की कंसिस्टेंसी ऐसी रखें कि इसे चेहरे पर आसानी से लगाया जा सके. इसे बहुत ज्यादा गाढ़ा या पानी जैसा पतला न बनाएं.

चेहरे पर लगाने का सही तरीका

फेस पैक लगाने से पहले चेहरे को किसी माइल्ड फेस वॉश से साफ कर लें और मुलायम तौलिए से थपथपाकर सुखाएं. अब नीम और एलोवेरा से तैयार पेस्ट की एक पतली परत चेहरे पर लगाएं. इसे आंखों, होंठों और कटे या खुले घाव वाली जगह से दूर रखें. फेस पैक को करीब 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद सामान्य पानी से चेहरे को अच्छी तरह धो लें. चेहरा साफ करने के बाद अपनी स्किन के अनुसार हल्का मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है.

सप्ताह में कितनी बार लगाना ठीक है?

अगर आप पहली बार इस फेस पैक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो शुरुआत सप्ताह में एक बार से करें. त्वचा पर किसी तरह की जलन या रूखापन महसूस न हो तो इसे अधिकतम सप्ताह में दो बार तक इस्तेमाल किया जा सकता है. बार-बार फेस पैक लगाने से पिंपल्स जल्दी ठीक होंगे, ऐसा जरूरी नहीं है. जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने पर त्वचा में जलन या ड्राईनेस हो सकती है.

पहली बार इस्तेमाल से पहले करें पैच टेस्ट

नीम हर किसी की त्वचा पर एक जैसा असर नहीं करता. इसलिए पहली बार इसे चेहरे पर लगाने से पहले हाथ या कान के पीछे थोड़ी मात्रा में लगाकर देखना बेहतर है. अगर वहां जलन, खुजली, लालिमा, सूजन या किसी तरह की एलर्जी दिखाई दे, तो इसे चेहरे पर न लगाएं और इस्तेमाल बंद कर दें.

पिंपल्स वाली स्किन के लिए कैसे हो सकता है फायदेमंद?

नीम में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिकों में एंटीमाइक्रोबियल और सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं. इसी वजह से नीम का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल में किया जाता रहा है. वहीं, एलोवेरा त्वचा को शांत और हाइड्रेटेड रखने में मदद कर सकता है. फिर भी यह समझना जरूरी है कि नीम का फेस पैक मुंहासों का पक्का इलाज नहीं है. अगर चेहरे पर लगातार दर्द वाले पिंपल्स, बहुत ज्यादा एक्ने, दाग या बार-बार ब्रेकआउट हो रहे हैं, तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना ज्यादा बेहतर है.

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी घरेलू स्किनकेयर उपाय को अपनाने से पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखें.

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