KNews Desk: बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का संकट गंभीर होता जा रहा है। राजधानी पटना समेत राज्य के 13 जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। पटना में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण कई घाट डूब गए हैं, जबकि निचले इलाकों में भी जलभराव का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए निगरानी और राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
पटना में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। दीघा में नदी का जलस्तर 39.36 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 39.33 मीटर है। वहीं गांधी घाट पर जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया है, जो लाल निशान से 1.65 मीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने से कई घाट पूरी तरह पानी में डूब गए हैं।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पटना प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। पटना के डीएम कुंदन कुमार, एसएसपी और नगर आयुक्त ने दीघा घाट, बिंद टोली, एलसीटी घाट और गोसाई टोला सहित कई प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।
शहर में बाढ़ का पानी दाखिल होने से रोकने के लिए पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल से जुड़े 108 रास्तों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा 13 स्लुईस गेट में सामने आए लीकेज को भी ठीक कराया गया है।
बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की कमान संभाल ली है। शुक्रवार को वह प्रभावित क्षेत्रों का एरियल सर्वे कर बाढ़ और नदियों की स्थिति का जायजा लेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक होगी। बैठक में राहत एवं बचाव अभियान और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
NDRF और SDRF को किया गया अलर्ट
बाढ़ की आशंका को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। बचाव दलों को 24 घंटे तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
प्रशासन ने राहत शिविरों में सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था के साथ साफ पेयजल, सूखा राशन और मेडिकल किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिविरों में दवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
बिहार में सिर्फ गंगा ही नहीं, बल्कि सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा नदियों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, भागलपुर, लखीसराय और जहानाबाद सहित कई जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के लिए जरूरी संसाधनों को तैयार रखा गया है और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।