सुबह बाजार में बंपर तेजी, शाम को मचा हाहाकार! 345 मिनट में डूबे 5 लाख करोड़

KNews Desk: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार के दौरान जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह बाजार में तेजी का माहौल था और सेंसेक्स 77 हजार के बेहद करीब पहुंच गया था। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 350 अंकों से ज्यादा की तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को उम्मीद थी कि बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद होगा। लेकिन कारोबारी सत्र के आखिरी 15 मिनट में अचानक बिकवाली हावी हो गई और बाजार की पूरी तस्वीर बदल गई। दिन के उच्चतम स्तर से सेंसेक्स 771 अंकों से ज्यादा टूट गया और अंत में 400 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ।

गुरुवार को बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 417 अंक यानी करीब 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ 76,153 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, दिन के दौरान सेंसेक्स सुबह करीब 9:45 बजे 76,924.48 के स्तर तक पहुंच गया था। इस स्तर से बाजार बंद होने तक सेंसेक्स में 771.62 अंकों की गिरावट देखने को मिली। वहीं, निफ्टी 50 भी सुबह की बढ़त बरकरार नहीं रख सका और 41 अंक यानी करीब 0.17 फीसदी की गिरावट के साथ 23,873 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी दिन के पीक से करीब 152 अंक नीचे आ गया।

बाजार में अचानक आई इस कमजोरी के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। तेल की ऊंची कीमतों और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। इसके अलावा गुरुवार को साप्ताहिक एक्सपायरी भी थी। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद सेंसेक्स में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। सुबह बाजार में जो तेजी नजर आ रही थी, वह कारोबारी सत्र खत्म होते-होते पूरी तरह गायब हो गई और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए।सेंसेक्स में गिरावट का सबसे ज्यादा असर टाइटन, ट्रेंट, ITC, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व और HCL टेक्नोलॉजीज जैसे दिग्गज शेयरों पर देखने को मिला। इन शेयरों में करीब 2 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टेक महिंद्रा, सन फार्मा, TCS, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, इंडिगो और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर भी 1 फीसदी से ज्यादा टूटे। हालांकि, बाजार में कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई। एक्सिस बैंक और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में करीब 1 फीसदी की तेजी रही।

दिलचस्प बात यह रही कि व्यापक बाजार ने बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 0.4 फीसदी चढ़ा। NSE पर 2,208 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,313 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि पूरे बाजार में बिकवाली का दबाव एक जैसा नहीं था और कई छोटे तथा मझोले शेयरों में खरीदारी बनी रही।गुरुवार के कारोबार में सबसे बड़ा झटका निवेशकों की संपत्ति में आई कमी के रूप में देखने को मिला। सेंसेक्स के दिन के पीक पर पहुंचने के समय बीएसई का कुल मार्केट कैप 4,92,02,917.14 करोड़ रुपये था। लेकिन बाजार बंद होने तक यह घटकर 4,87,09,368.73 करोड़ रुपये रह गया। यानी दिन के उच्चतम स्तर से बाजार बंद होने तक करीब 4,93,548.41 करोड़ रुपये की निवेशक संपत्ति कम हो गई। इस लिहाज से करीब 345 मिनट के कारोबारी समय में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का अंतर देखने को मिला। हालांकि, अगर पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले देखा जाए तो निवेशकों का वास्तविक नुकसान 90 हजार करोड़ रुपये से कम रहा। गुरुवार का कारोबार एक बार फिर दिखाता है कि तेल की कीमतों, बॉन्ड यील्ड और एक्सपायरी जैसे कारकों के बीच बाजार में कितनी तेजी से बड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है।

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