संभल जामा मस्जिद विवाद: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 8 सितंबर को होगी सुनवाई

Sambhal Jama Masjid Dispute: संभल जामा मस्जिद विवाद से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी. मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें निचली अदालत के सर्वे के आदेश और मामले की सुनवाई जारी रखने को सही माना गया था.

Knews Desk- उत्तर प्रदेश के संभल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को होने वाली सुनवाई आगे बढ़ा दी गई है. अब सर्वोच्च अदालत इस मामले की सुनवाई 8 सितंबर को करेगी. मस्जिद प्रबंध समिति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

मामले में विवाद इस बात को लेकर है कि संभल की जामा मस्जिद के नीचे या परिसर में किसी पुराने हिंदू मंदिर के अवशेष मौजूद हैं या नहीं. हिंदू पक्ष का दावा है कि प्राचीन मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया था. इसी दावे की जांच के लिए अदालत में सर्वे कराने की मांग की गई थी.

मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत ने हिंदू पक्ष की याचिका पर एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया था. अदालत ने विवादित परिसर का सर्वे कराने का निर्देश दिया था. इसके बाद एडवोकेट कमिश्नर की टीम ने परिसर में सर्वे की प्रक्रिया शुरू की थी. मस्जिद कमेटी ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे चुनौती दी और इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

हाई कोर्ट ने हटाई थी रोक

मस्जिद कमेटी की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुरुआत में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी. हालांकि, बाद में मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने निचली अदालत के सर्वे संबंधी आदेश को बरकरार रखा और कार्यवाही पर लगी रोक हटा दी.

हाई कोर्ट के फैसले के बाद मस्जिद कमेटी ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. अब इसी याचिका पर देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई होनी है.

पूजा स्थल कानून बना अहम मुद्दा

इस विवाद में 1991 का पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम भी एक अहम कानूनी मुद्दा है. मस्जिद कमेटी का तर्क है कि इस कानून के तहत 15 अगस्त 1947 को मौजूद धार्मिक स्थलों की स्थिति में बदलाव के लिए कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती.

वहीं, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माना था कि किसी धार्मिक स्थल के वास्तविक स्वरूप की जांच के लिए शुरुआती स्तर पर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया को पूजा स्थल कानून के तहत प्रतिबंधित नहीं माना जा सकता.

8 सितंबर पर टिकी दोनों पक्षों की नजर

अब इस मामले में अगली सुनवाई 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी. सुनवाई के दौरान अदालत यह तय कर सकती है कि संभल जामा मस्जिद से जुड़े सर्वे और निचली अदालत की कार्यवाही आगे किस तरह चलेगी. सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर इस संवेदनशील मामले की आगे की कानूनी दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी.

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