पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में लगी गोली, तमंचा और कारतूस बरामद; हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत
Knews Desk- उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे के मुख्य आरोपी बताए जा रहे नौशाद अली को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान नौशाद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, नौशाद अली के कब्जे से एक तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। नौशाद को पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। वह इस मामले में आरोपी मोहम्मद आदिल का पिता है। घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थीं।
सीओ चायल शिवांक सिंह ने बताया कि मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया है। लगातार दबिश के दौरान पुलिस को नौशाद के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उसकी घेराबंदी की गई। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। गोली लगने के बाद नौशाद को अस्पताल पहुंचाया गया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
छह लोगों के खिलाफ FIR
पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के मामले में पिपरी थाने में छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। FIR में नौशाद, शकील, आदिल, शबाना, कहकशा और शाइना को नामजद किया गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच में यह बात सामने आई है कि नौशाद कथित तौर पर अपने बेटे आदिल के नाम से ‘आदिल डीजे’ के नाम पर पटाखा फैक्ट्री चला रहा था। स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि करीब दो साल पहले प्रशासन की ओर से फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। हालांकि, फैक्ट्री के लाइसेंस और उसके वैध या अवैध होने को लेकर प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अब जांच में फैक्ट्री के लाइसेंस, विस्फोटक सामग्री के भंडारण और उसे रखने की अनुमति से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है।
ATS भी कर रही मामले की जांच
हादसे के बाद प्रशासन ने घनी आबादी वाले इलाकों में विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मामले की जांच में ATS भी शामिल हो गई है। स्थानीय पुलिस और ATS यह पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्ट्री तक इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची और क्या भंडारण के निर्धारित नियमों का पालन किया गया था। इसके साथ ही पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे के बाद लापरवाही के आरोप में कई पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है। पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह को लाइन हाजिर किया गया है। इसके अलावा चौकी प्रभारी चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल को भी लाइन हाजिर किया गया है। बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
धमाके से कई मकान हुए तबाह
यह दर्दनाक हादसा सोमवार सुबह करीब 11 बजे पिपरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी कस्बे में हुआ था। पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देने की बात सामने आई। विस्फोट के कारण आसपास के कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ घर मलबे में तब्दील हो गए।
हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद से प्रशासन और पुलिस राहत, बचाव और जांच की कार्रवाई में जुटे हुए हैं।