KNEWS DESK- रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर बांधा गया रक्षासूत्र सिर्फ एक धागा नहीं माना जाता, बल्कि यह भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के संकल्प का प्रतीक होता है. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि राखी कितने दिन तक कलाई पर बांधकर रखनी चाहिए और इसे उतारने के बाद इसका क्या करना चाहिए. आइए जानते हैं राखी उतारने से जुड़े प्रचलित नियम और मान्यताएं.
रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके सुखी, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना करती हैं. इसके बाद भाई भी बहन की रक्षा का वचन देता है. राखी को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग परंपराएं देखने को मिलती हैं. इसलिए इसे उतारने के नियम भी हर जगह एक जैसे नहीं होते.
राखी कब उतारनी चाहिए?
रक्षाबंधन के बाद राखी उतारने के लिए कोई एक निश्चित दिन या समय सभी के लिए अनिवार्य नहीं माना जाता. प्रचलित मान्यता के अनुसार, कई लोग जन्माष्टमी के दिन या उसके बाद राखी उतारते हैं. कुछ परिवारों में रक्षासूत्र को कई दिनों तक कलाई पर बांधे रखने की परंपरा है. वहीं, कुछ लोग राखी के अपने आप ढीली होने या टूटने तक उसे कलाई पर बांधे रखते हैं. इसलिए आप अपने परिवार की परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राखी उतार सकते हैं.
राखी उतारते समय इन बातों का रखें ध्यान
राखी को उतारते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. इसे सम्मानपूर्वक खोलना बेहतर माना जाता है. धार्मिक आस्था रखने वाले लोग राखी खोलते समय भगवान का स्मरण भी करते हैं. राखी उतारने के बाद उसे सड़क, नाली या कूड़ेदान में फेंकने से बचें. आप इसे किसी साफ और सुरक्षित स्थान पर रख सकते हैं या पूजा की अन्य सामग्री के साथ सम्मानपूर्वक रख सकते हैं.
पुरानी राखी का क्या करें?
अगर राखी साधारण धागे या प्राकृतिक सामग्री से बनी है, तो परिवार की परंपरा के अनुसार उसे पूजा सामग्री के साथ रखा जा सकता है. जल में प्रवाहित करने की परंपरा हो तो पर्यावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है. अगर राखी प्लास्टिक, कृत्रिम सजावटी सामग्री या धातु से बनी है, तो उसे नदी या तालाब में प्रवाहित नहीं करना चाहिए. ऐसी राखी को अलग करके उचित तरीके से निपटाना बेहतर है.
चांदी की राखी हो तो क्या करें?
अगर भाई की कलाई पर चांदी की राखी बंधी है, तो उसे उतारकर साफ करके सुरक्षित रखा जा सकता है. इसे दोबारा इस्तेमाल करने, संभालकर रखने या जरूरत के अनुसार ज्वेलर के पास एक्सचेंज कराने का विकल्प भी मौजूद है. राखी उतारने से जुड़े नियम अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में अलग हो सकते हैं. इसलिए इसे लेकर किसी एक नियम को अनिवार्य मानने के बजाय अपनी पारिवारिक परंपरा और आस्था के अनुसार निर्णय लेना उचित है.