KNews Desk: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक 337 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू से एक 50 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ के इंदिरानगर क्षेत्र की रहने वाली 50 वर्षीय महिला स्वाइन फ्लू से संक्रमित थीं। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। राजधानी में H1N1 संक्रमण से यह पहली मौत बताई जा रही है। महिला के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी निगरानी की जा रही है, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।
प्रदेश में 337 मरीजों की पुष्टि
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 25 अगस्त तक उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 337 मामले सामने आ चुके थे। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में भी H1N1 के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
जिलेवार स्थिति की बात करें तो गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा में 120 मरीज सामने आए हैं। इनमें एक ही दिन में 106 नए मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। गाजियाबाद में 9 मरीज मिले हैं, जिनमें सभी मामले पिछले करीब 10 दिनों के दौरान सामने आए। लखनऊ में 13 मरीजों की पुष्टि हुई है।
मेरठ में हाल में 3 नए मरीज मिलने के बाद संक्रमितों की संख्या 7 हो गई है। वहीं, प्रयागराज में कौशांबी की एक महिला में संक्रमण की पुष्टि के बाद निगरानी बढ़ाई गई है। आगरा में एक संदिग्ध मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश
बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से कहा गया है कि बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जाए।
गंभीर श्वसन संक्रमण यानी SARI के मरीजों की भी अलग से निगरानी करने को कहा गया है। अस्पतालों में H1N1 के इलाज के लिए जरूरी दवाओं, ऑक्सीजन और आइसोलेशन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल या सर्दी-जुकाम जैसे हो सकते हैं। तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में दर्द या खराश, शरीर में अत्यधिक कमजोरी और सांस लेने में परेशानी इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।
अगर ऐसे लक्षण लगातार बने रहते हैं या स्थिति बिगड़ती नजर आती है तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?
H1N1 संक्रमण से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल, हाथों की नियमित सफाई और संक्रमित या लक्षण वाले व्यक्ति से उचित दूरी रखना मददगार हो सकता है। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर घर पर आराम करने और दूसरों के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने के बजाय समय पर लक्षणों की पहचान और उचित इलाज बेहद जरूरी है। शुरुआती चरण में चिकित्सकीय सलाह और उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचने की संभावना बढ़ जाती है।