नेपाल में फ्लैश फ्लड से तबाही, मृतकों की संख्या 469 पहुंची; 910 लोग अब भी लापता

KNEWS DESK- नेपाल में इस सप्ताह की शुरुआत में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आपदा में अब तक 469 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, सैकड़ों लोगों की तलाश के लिए भोटे कोशी-त्रिशूली कॉरिडोर के आसपास लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। सीमा पार तिब्बत में भी तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद इस आपदा में मृतकों की कुल संख्या 472 हो गई है।

नेपाल पुलिस के मुताबिक, भोटे कोशी-त्रिशूली कॉरिडोर के आसपास बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के तेज बहाव में बह गए या अलग-अलग स्थानों पर फंस गए। बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी और मलबा जमा होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में मुश्किलें भी सामने आ रही हैं।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नेपाल में करीब 910 लोग अभी भी लापता हैं या उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। लापता लोगों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के आकलन के मुताबिक, गुरुवार देर शाम तक नेपाल में 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो सका था।

नेपाल सरकार ने अभी तक मृतकों की राष्ट्रीयता के आधार पर कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आपदा में मारे गए लोगों में कितने भारतीय नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों की ओर से पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।

इस बीच, सीमा पार तिब्बत में भी आपदा का असर देखने को मिला है। चीनी अधिकारियों ने गुरुवार सुबह तक करीब 558 लोगों के लापता होने की जानकारी दी थी। हालांकि, चीन की ओर से भी लापता लोगों की राष्ट्रीयता के आधार पर कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि लापता लोगों में कितने भारतीय या अन्य देशों के नागरिक शामिल हैं।

इसके अलावा करीब 200 भारतीय नागरिकों के तिब्बत में फंसे होने की जानकारी सामने आई है। भारत सरकार संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहकर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में संपर्क से बाहर 288 भारतीय नागरिकों में से 73 लोग त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले कर्मचारी हैं। परियोजना क्षेत्र भी बाढ़ और मलबे से प्रभावित हुआ है, जिसके चलते वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों को खोजने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं। लगातार बढ़ती मृतकों की संख्या और सैकड़ों लोगों के लापता होने से आपदा की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल, राहत एजेंसियों की प्राथमिकता जीवित बचे लोगों तक पहुंचना और लापता लोगों की तलाश करना है।

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