चीन-नेपाल सीमा के पास आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. अब तक सैकड़ों लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1,500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. लापता लोगों में कई देशों के पर्यटक, तीर्थयात्री, ट्रेकर्स और कामगार शामिल हैं.
Knews Desk– चीन और नेपाल की सीमा से लगे इलाकों में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की भी है, जो माउंट कैलाश की यात्रा, ट्रैकिंग या काम के सिलसिले में इस क्षेत्र में मौजूद थे.
नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, देश में अब तक 359 लोगों की मौत हुई है और करीब 910 लोग लापता हैं. लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक बताए गए हैं. बचाव अभियान के दौरान 50 विदेशी नागरिकों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला जा चुका है. अधिकारियों के मुताबिक, लापता लोगों में नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिसकर्मी तथा रसुवा और नुवाकोट जिलों के लोग भी शामिल हैं.
विभिन्न एजेंसियों की ओर से जारी आंकड़ों में अंतर देखने को मिल रहा है. इसकी वजह डेटा जुटाने, रिपोर्टिंग और आंकड़ों के सत्यापन के तरीकों में अंतर बताया जा रहा है. इसी कारण लापता लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.
चीन की ओर तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी बाढ़ ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है. सरकारी मीडिया के अनुसार, वहां कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता हैं. इनमें करीब 260 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं. चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल की तरफ लगभग 100 चीनी नागरिकों से भी संपर्क नहीं हो पाया है.
भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. इनमें 73 ऐसे लोग हैं, जो एक पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे. इसके अलावा कई भारतीय श्रद्धालु और पर्यटक भी माउंट कैलाश की यात्रा के लिए इस क्षेत्र में पहुंचे थे.
अमेरिका के विदेश विभाग के अनुसार, चीन और नेपाल में 90 अमेरिकी नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है. हालांकि, अभी तक किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की जानकारी नहीं मिली है. तीन अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है.
मलेशिया के 51 नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. यूक्रेन के 55 नागरिक भी लापता बताए गए हैं. इनमें दो अलग-अलग पर्यटक समूहों के सदस्य और एक यूक्रेनी महिला शामिल है. ऑस्ट्रेलिया के 39 नागरिकों के भी लापता होने की सूचना है.
ब्रिटेन के 33 नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जबकि कनाडा के 25 लोग लापता बताए गए हैं. दक्षिण कोरिया के नौ नागरिक, जो नेपाल में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, उनका भी पता नहीं चल पाया है. सिंगापुर और जर्मनी के आठ-आठ नागरिक, जबकि रूस के भी आठ नागरिक लापता बताए गए हैं.
दक्षिण अफ्रीका और लातविया के छह-छह नागरिकों के लापता होने की जानकारी मिली है. जापान के पांच नागरिकों को लेकर भी चिंता जताई गई है. न्यूजीलैंड के पांच, फ्रांस के चार, बेल्जियम के तीन और स्पेन के तीन नागरिक भी लापता हैं.
इसके अलावा इटली, कजाकिस्तान, पुर्तगाल, आयरलैंड और नीदरलैंड के दो-दो नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. बेलारूस, फिनलैंड, हंगरी, इजराइल, लिथुआनिया, फिलीपींस, बुल्गारिया, स्विट्जरलैंड, सर्बिया और स्वीडन का एक-एक नागरिक भी लापता बताया गया है.
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है. प्रशासन विदेशी नागरिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए अलग-अलग एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है. हालांकि, दुर्गम इलाकों और खराब परिस्थितियों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें सामने आ रही हैं.