Ankit Baliyan Murder Case: शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या का CCTV फुटेज सामने आया है. फुटेज में चार संदिग्ध हमलावर उनकी कार को घेरकर करीब 30 सेकंड तक फायरिंग करते और फिर हथियार लहराते हुए पैदल भागते नजर आ रहे हैं.
Knews Desk– उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिला है. वारदात से जुड़ा CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें चार हमलावर अंकित की गाड़ी को घेरकर फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने करीब 12 राउंड गोलियां चलाईं और महज कुछ सेकंड में वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए.
CCTV फुटेज के मुताबिक हमलावर जिम के बाहर अंकित की गाड़ी के पास पहुंचे और चारों तरफ से उसे घेर लिया. इसके बाद उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं. गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया. जिम के अंदर मौजूद लोग भी बाहर निकल आए, लेकिन हथियारों से लैस हमलावरों को देखकर कोई तुरंत अंकित के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका.
फायरिंग के बाद चारों आरोपी हथियार हाथ में लेकर पैदल ही मौके से निकलते नजर आए. उनके जाने के बाद स्थानीय लोग अंकित के पास पहुंचे. CCTV में अंकित जमीन पर खून से लथपथ दिखाई दे रहे हैं. लोगों ने उन्हें संभालने और मदद पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.
पुलिस की शुरुआती जांच में चार शूटरों के वारदात में शामिल होने की बात सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी हरियाणा की तरफ से शामली पहुंचे थे या उन्होंने किसी दूसरे रास्ते का इस्तेमाल किया था. इसके अलावा वारदात के बाद हमलावर किस रास्ते से फरार हुए, इसकी भी पड़ताल की जा रही है.
जांच टीम CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों के आने और भागने का पूरा रूट तैयार करने में जुटी है. आसपास और दूसरे इलाकों में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है. इसके साथ ही पुलिस तकनीकी सर्विलांस और संदिग्धों की लोकेशन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में संदिग्धों की लोकेशन मिलने के बाद STF और शामली पुलिस की SWAT टीम भी सक्रिय हो गई है.
अंकित बालियान की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर भी कई तरह के दावे सामने आए हैं. कुछ लोगों ने हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं. इनमें गोगी गैंग की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा भी शामिल है. हालांकि पुलिस ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है और सभी पोस्ट व वीडियो की अलग-अलग जांच की जा रही है.
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सोशल मीडिया पर किए गए दावों का हत्याकांड से वास्तव में कोई संबंध है या फिर पुलिस को भ्रमित करने के लिए इस तरह की पोस्ट वायरल की जा रही हैं. फिलहाल CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया इनपुट के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि CCTV में कैद चारों हमलावर पुलिस की गिरफ्त में कब तक आते हैं.