KNEWS DESK- कनाडा के ओशावा शहर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर एक महिला के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगा है। इस मामले में अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहने वाले 50 वर्षीय हिंदू पुजारी राजेंद्रनाथ दुधनॉथ महाराज को डरहम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी ने इससे पहले भी किसी अन्य महिला को इसी तरह अपना शिकार बनाया था।
पुलिस के मुताबिक, ओशावा में रहने वाले एक परिवार ने अपने घर पर धार्मिक अनुष्ठान कराने के लिए आरोपी पुजारी को बुलाया था। आरोप है कि अनुष्ठान के दौरान पुजारी ने महिला को यह विश्वास दिलाया कि वह किसी बुरी आत्मा या नकारात्मक शक्ति के प्रभाव में है। आरोपी ने कथित तौर पर महिला को बताया कि उसकी परेशानियों को दूर करने के लिए एक विशेष धार्मिक प्रक्रिया और पूजा करनी होगी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने महिला का विश्वास हासिल करने के बाद उसे एक अलग और सुनसान स्थान पर ले जाने की बात कही। महिला को कथित तौर पर बताया गया कि वहां गुप्त तरीके से धार्मिक अनुष्ठान करने से उसकी समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इसके बाद धार्मिक अनुष्ठान और कथित इलाज की आड़ में आरोपी ने महिला के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया।
घटना के बाद पीड़िता की ओर से पुलिस से शिकायत की गई। शिकायत मिलने के बाद डरहम पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन उत्पीड़न से जुड़ा गंभीर आरोप दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे बेल हियरिंग के लिए हिरासत में रखा गया है।
जांच के दौरान पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपी ने कहीं पहले भी इसी तरह के तरीके का इस्तेमाल तो नहीं किया था। अधिकारियों को आशंका है कि धार्मिक अनुष्ठान और कथित आध्यात्मिक इलाज का झांसा देकर अन्य महिलाओं को भी निशाना बनाया गया हो सकता है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने तक इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
डरहम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ इस पुजारी या उससे जुड़े किसी धार्मिक अनुष्ठान के दौरान इसी तरह की घटना हुई है, तो वह सामने आए और पुलिस से संपर्क करे। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी किसी भी जानकारी से जांच को आगे बढ़ाने और संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि किसी भी धार्मिक या आध्यात्मिक उपचार के नाम पर असामान्य गतिविधियों के लिए दबाव बनाए जाने पर सावधानी बरतें और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य संभावित मामलों की जानकारी जुटा रही है।