भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने अमेरिका के सेंट लुइस में शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रैंड चेस टूर का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ वह यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाले पहले भारतीय शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल में उन्होंने मौजूदा चैंपियन फैबियानो कारूआना को हराकर इतिहास रचा।
Knews Desk– आर प्रज्ञानंद की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि फाइनल के एक समय वह कारूआना से 6 अंकों से पीछे चल रहे थे। क्लासिकल मुकाबलों के बाद प्रज्ञानंद का स्कोर 3-9 था और ऐसा लग रहा था कि खिताब उनके हाथ से निकल चुका है। हालांकि, उन्होंने इसके बाद जबरदस्त वापसी करते हुए पूरे मुकाबले का रुख बदल दिया।
प्रज्ञानंद ने लगातार दोनों रैपिड गेम जीतकर स्कोर 11-9 कर दिया। इसके बाद कारूआना ने ब्लिट्ज के दूसरे गेम में जीत दर्ज की और स्कोर 12-12 से बराबर हो गया। प्रज्ञानंद ने दबाव के बावजूद शानदार खेल जारी रखा और तीसरे ब्लिट्ज मुकाबले में जीत हासिल कर फिर बढ़त बना ली।
खिताब अपने नाम करने के लिए आखिरी मुकाबले में प्रज्ञानंद को सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी। उन्होंने थ्री-फोल्ड रिपीटिशन के जरिए ड्रॉ हासिल कर लिया और इसके साथ ही ग्रैंड चेस टूर की ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। फाइनल के कुल 6 मुकाबलों में प्रज्ञानंद ने 3 जीत दर्ज कीं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे और उन्हें सिर्फ 1 मैच में हार का सामना करना पड़ा।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद प्रज्ञानंद ने कहा कि 6 अंकों के अंतर को खत्म करना बिल्कुल आसान नहीं था। उन्होंने अपनी सफलता में रैपिड और ब्लिट्ज फॉर्मेट में हुए सुधार को अहम बताया। प्रज्ञानंद के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इन दोनों फॉर्मेट में उनके खेल में काफी सुधार आया, जिसका फायदा उन्हें इस मुकाबले में मिला।
इस खिताबी जीत के साथ प्रज्ञानंद ने न सिर्फ इतिहास बनाया, बल्कि बड़ी इनामी राशि भी अपने नाम की। ग्रैंड चेस टूर के विजेता के तौर पर उन्हें 2 लाख डॉलर यानी करीब 1.91 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली है। इसके अलावा उन्होंने 2027 के ग्रैंड चेस टूर के लिए सीधे क्वालिफाई भी कर लिया है।
साल 2026 में प्रज्ञानंद की कमाई की बात करें तो पूरे सर्किट में उन्होंने अब तक करीब 4.04 लाख डॉलर यानी लगभग 4 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि हासिल की है। उनके लिए यह साल उपलब्धियों से भरा रहा है और ग्रैंड चेस टूर का खिताब उनके करियर की बड़ी कामयाबियों में शामिल हो गया है।