KNEWS DESK- सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तबाही का भयावह मंजर दिखाई दे रहा है। कई फीट ऊंची कीचड़ और पानी की लहरों में इमारतें, वाहन, लोग और जानवर बहते नजर आए। जब बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंचा, तब सामने आया कि आपदा नेकितने बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में घर और दुकानें पूरी तरह तबाह हो गईं, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं।
रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में बाढ़ ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। 38 वर्षीय गिरिलाल भी इस भयावह आपदा की चपेट में आ गए। स्थानीय कचरा प्रबंधन कार्यालय के लिए ट्रक चलाने वाले गिरिलाल इस समय काठमांडू के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन उनके लिए इलाज से ज्यादा बड़ा दर्द अपने पूरे परिवार को खोने का है। इस हादसे में उनकी पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां उनसे हमेशा के लिए दूर हो गए।
गिरिलाल के परिवार के साथ हुई इस त्रासदी ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि बाढ़ इतनी तेजी से आई कि कई लोगों को लगा कि शायद भूकंप आ गया है। कुछ ही समय में पानी और मलबे ने सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया। लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने या अपने परिवार के सदस्यों को बचाने तक का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। वहीं, भरतपुर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर अपने भाई साबी की तस्वीर लेकर खड़ी लिपा सपकोटा अपनों की तलाश में भटक रही हैं। उन्होंने बताया कि उनका भाई बुधवार सुबह से लापता है। परिवार के लोग उसकी तस्वीर लेकर अस्पताल में आने वाले लोगों से पूछ रहे हैं कि क्या किसी ने उसे देखा है।
लिपा के मुताबिक, अस्पताल में कुछ शव भी रखे गए हैं, लेकिन कई शवों की स्थिति इतनी खराब है कि उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो रहा है। ऐसे में परिवारों की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। लोग अस्पतालों, राहत शिविरों और प्रभावित इलाकों में अपने रिश्तेदारों की तलाश कर रहे हैं। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसे इस आपदा की जानकारी उस समय मिली, जब वह बुधवार सुबह करीब 8:40 बजे नाश्ता कर रहा था। अचानक तिमुरे में बाढ़ आने की खबर मिली। आसपास के लोगों को यह कहते सुना गया कि तिमुरे पूरी तरह तबाह हो गया है और वहां कुछ भी नहीं बचा।
बाढ़ की इस भयावह घटना ने नेपाल के कई इलाकों में जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राहत और बचाव अभियान जारी है। लापता लोगों की तलाश की जा रही है और घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस आपदा के बाद प्रभावित परिवारों के सामने अपने घर, रोजगार और अपनों को खोने का गहरा संकट खड़ा हो गया है।