गंगाजल और कुरान की कसम खाते दिखे पार्षद, कमीशन बंटवारे की बात का VIDEO वायरल

Knews Desk: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर नगर निगम के कुछ पार्षदों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में हिंदू और मुस्लिम समुदाय से जुड़े कुछ पार्षद गंगाजल और कुरान की कसम खाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में नगर निगम की आमदनी और उसे 60 पार्षदों के बीच बांटने जैसी बातचीत भी सुनाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा?

वीडियो में नगर निगम के अलग-अलग वार्डों के कई पार्षद एक जगह बैठे दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग हाथ में गंगाजल लेकर कसम खाते नजर आते हैं, जबकि कुछ पार्षद कुरान की कसम लेने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान मां की कसम का भी जिक्र होता है। वीडियो में नगर निगम की आमदनी और कथित तौर पर उसे 60 पार्षदों के बीच बराबर बांटने जैसी बातें सुनाई दे रही हैं। इसी हिस्से को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो में कही गई बातों का वास्तविक संदर्भ क्या है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

नगर आयुक्त ने बनाई जांच टीम

वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम वीडियो की सत्यता, उसकी तारीख, उसमें दिखाई दे रहे लोगों और बातचीत के पूरे संदर्भ की जांच करेगी। प्रशासन यह भी पता लगाने की कोशिश करेगा कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया था और उसमें कही गई बातों का वास्तविक अर्थ क्या है।

पार्षद ने बताया डेढ़ साल पुराना वीडियो

वहीं, ख्वाजा फिरोज वार्ड के पार्षद धीरेंद्र सिंह चौहान उर्फ डीएस चौहान ने दावा किया है कि वायरल वीडियो करीब डेढ़ साल पुराना है। उनके मुताबिक, यह वीडियो पार्षद अनूप गुप्ता के जन्मदिन पर आयोजित एक पार्टी के दौरान बनाया गया था। पार्टी एक होटल में आयोजित की गई थी। धीरेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि पुराने वीडियो को अब वायरल कर मौजूदा घटनाक्रम से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, उनके इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

आई स्मार्ट कंपनी को लेकर भी हुआ था विवाद

पार्षद के मुताबिक, नगर निगम में आई स्मार्ट कंपनी को लेकर भी पार्षदों के बीच मतभेद सामने आए थे। पहले 40 पार्षदों ने कंपनी के विरोध में नगर आयुक्त को पत्र दिया था, जबकि बाद में 42 पार्षदों ने कंपनी के समर्थन में पत्र सौंपा था। शाहजहांपुर नगर निगम में कुल 60 पार्षद हैं। इनमें 41 बीजेपी के बताए जाते हैं, जबकि बाकी अन्य दलों और निर्दलीय पार्षद हैं। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और कथित बातचीत को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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