Knews Desk: दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों से लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। राजधानी में प्याज की खुदरा कीमतें कई इलाकों में 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचने का फैसला किया है।
सरकार महाराष्ट्र से बफर स्टॉक का प्याज दिल्ली ला रही है। बुधवार को ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए करीब 800 टन प्याज राजधानी पहुंचेगा। इसे नेफेड (NAFED), एनसीसीएफ (NCCF) और केंद्रीय भंडार के स्टोर से 35 रुपये प्रति किलो की दर पर बेचा जाएगा। सरकार का उद्देश्य बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाकर कीमतों पर नियंत्रण करना है।
दरअसल, बीते कुछ दिनों में दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्याज के थोक दाम करीब दोगुने हो गए हैं। पहले जहां प्याज लगभग 25 रुपये किलो बिक रहा था, वहीं अब इसकी कीमत करीब 50 रुपये किलो तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र में बारिश के कारण परिवहन और प्याज की आवक प्रभावित होने को कीमतों में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
आपूर्ति प्रभावित होने के कारण खुदरा बाजार में भी प्याज महंगा हुआ है। दिल्ली में सोमवार को प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 55 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई, जबकि कई इलाकों में यह 60 से 70 रुपये किलो तक बिक रहा है। बढ़ी कीमतों के कारण ग्राहकों ने प्याज की खरीदारी भी कम कर दी है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 25 जुलाई के 34.80 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 25 अगस्त को 44.72 रुपये प्रति किलो हो गई। सरकार का मानना है कि बफर स्टॉक बाजार में उतारने से आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।
इसके अलावा कांदा एक्सप्रेस के जरिए चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी प्याज भेजा जा रहा है। सरकार का यह कदम महंगे प्याज से आम लोगों को राहत देने और बाजार में कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।