KNEWS DESK- भारत के स्पेस सेक्टर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा विजन सामने रखा है। तीसरे नेशनल स्पेस डे के मौके पर पीएम मोदी ने सेवा तीर्थ में देश के 20 स्पेस स्टार्टअप्स के फाउंडर्स और सीईओ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत को ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए, जिससे दुनिया भर की प्रतिभाएं अंतरिक्ष क्षेत्र में करियर बनाने के लिए देश की ओर आकर्षित हों।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई व्यक्ति स्पेस सेक्टर में कुछ बड़ा करने के बारे में सोचे, तो उसके दिमाग में भारत का नाम सबसे पहले आना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा ‘मैग्नेट’ बन सकता है, जो दुनिया भर के टैलेंट को अपनी ओर खींचे। यह वैश्विक प्रतिभा आगे चलकर देश की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
भारत की तीन बड़ी ताकत
पीएम मोदी ने भारत की तीन प्रमुख खूबियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की स्पेस तकनीक वैश्विक स्तर पर लागत के मामले में प्रतिस्पर्धी है। इसके अलावा भारत में प्रतिभाशाली युवाओं की कमी नहीं है और भारतीयों में जोखिम उठाने की क्षमता भी काफी मजबूत है। उन्होंने कहा कि इन्हीं खूबियों के दम पर भारत वैश्विक स्पेस इंडस्ट्री में तेजी से अपनी जगह मजबूत कर सकता है।
स्टार्टअप्स को नीतिगत स्थिरता का भरोसा
स्पेस सेक्टर में काम करने वाली निजी कंपनियों के लिए नीतिगत स्थिरता को अहम बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार बार-बार अपने फैसले और नियम नहीं बदलेगी। उन्होंने स्टार्टअप्स से कहा कि जोखिम उठाने वालों को सरकार का भरोसा मिलेगा। अगर किसी उद्यमी से अनजाने में गलती होती है, तो उसे अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ऐसा भरोसेमंद माहौल बनाना चाहती है, जिसमें युवा उद्यमी बिना डर के नए प्रयोग और बड़े जोखिम उठा सकें।
विदेश से भारत लौट रहे वैज्ञानिक
बैठक में मौजूद स्टार्टअप्स ने बताया कि भारत के निजी स्पेस सेक्टर के तेजी से विस्तार के बाद विदेशों में काम कर रहे कई भारतीय वैज्ञानिक और प्रोफेशनल अब वापस देश लौटने में रुचि दिखा रहे हैं। अमेरिका और यूरोप की कंपनियों में काम कर चुके विशेषज्ञ भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स के साथ जुड़ना चाहते हैं।
बैठक में स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉसमॉस, पिक्सेल, ध्रुवा स्पेस, गैलेक्सआई और बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस समेत 20 कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। ये कंपनियां लॉन्च व्हीकल, सैटेलाइट, अर्थ ऑब्जर्वेशन, स्पेस रोबोटिक्स और स्पेस-बेस्ड तकनीक जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। पीएम मोदी का लक्ष्य भारत को इनोवेशन के साथ-साथ वैश्विक स्पेस टैलेंट का प्रमुख केंद्र बनाना है।