Knews Desk- कर्नाटक के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, वह 20 अगस्त की सुबह बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने दिल्ली जाने के लिए फ्लाइट टिकट भी बुक कराया था, लेकिन विमान में उनके सवार होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद से उनका मोबाइल फोन बंद है और परिवार से भी संपर्क नहीं हो पाया है।
ज्ञानेंद्र कुमार घर से दिल्ली जाने की बात कहकर एयरपोर्ट के लिए निकले थे। लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वह कहां गए, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। पुलिस अब एयरपोर्ट और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि उनके मूवमेंट का पता लगाया जा सके।
ईडी की कार्रवाई के अगले दिन लापता होने से बढ़ा संदेह
ज्ञानेंद्र कुमार के लापता होने की घटना उस समय सामने आई है, जब इससे एक दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय ने पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में छापेमारी की थी। ईडी की इस कार्रवाई के बाद अगले ही दिन अधिकारी के गायब होने से कई सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, अभी तक जांच एजेंसियों या पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की है कि ईडी की कार्रवाई और ज्ञानेंद्र कुमार के लापता होने के बीच कोई सीधा संबंध है। फिलहाल दोनों घटनाओं को लेकर अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा रही है।
KPSC में भी निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
ज्ञानेंद्र कुमार इस समय कर्नाटक में एमएसएमई के प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मार्च तक वह आयोग के परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थे।
जनवरी में आयोजित पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा की निगरानी की जिम्मेदारी भी ज्ञानेंद्र कुमार को दी गई थी। इसी भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर जांच चल रही है।
पुलिस ने शुरू की तलाश
एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की ओर से नगर पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह को ज्ञानेंद्र कुमार के लापता होने की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जांच टीम एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज के अलावा आसपास के इलाकों में भी उनके संभावित मूवमेंट की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एयरपोर्ट पहुंचने के बाद ज्ञानेंद्र कुमार किस दिशा में गए और उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं।
फिलहाल अधिकारी के ठिकाने का पता नहीं चल पाया है। पुलिस उनकी तलाश के साथ-साथ उनके लापता होने की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।