बसों की कमी के चलते स्कूल ने अपनाया ‘अल्टरनेट डे’ फॉर्मूला, हफ्ते में सिर्फ तीन दिन पहुंच पा रहे बच्चे
Knews Desk- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है। उदयपुरा के शासकीय सांदीपनि विद्यालय में बसों की कमी के चलते स्कूल प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं को अलग-अलग दिन स्कूल बुलाने का फैसला किया है। आदेश के मुताबिक, एक दिन छात्र स्कूल आएंगे, जबकि अगले दिन छात्राओं की कक्षाएं लगेंगी।
बताया जा रहा है कि इस शैक्षणिक सत्र में स्कूल में करीब 2,800 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इनमें से लगभग 1,700 छात्र-छात्राओं ने स्कूल आने-जाने के लिए बस सुविधा की मांग की थी। हालांकि, विद्यालय के पास फिलहाल केवल 16 बसें उपलब्ध हैं। एक बस में करीब 55 से 60 विद्यार्थियों के सुरक्षित सफर को ध्यान में रखते हुए इन बसों से लगभग 1,000 बच्चों को ही परिवहन सुविधा मिल पा रही है।
बसों की कमी का निकाला अनोखा समाधान
बसों की कमी को दूर करने के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने के बजाय स्कूल प्रशासन ने ‘अल्टरनेट डे’ व्यवस्था लागू कर दी। प्राचार्य वंदना मिश्रा की ओर से जारी सूचना के अनुसार, अब छात्र और छात्राएं बारी-बारी से एक-एक दिन स्कूल आएंगे।
इस व्यवस्था में सोमवार को छात्रों की कक्षाएं होंगी, जबकि मंगलवार को छात्राओं को स्कूल बुलाया जाएगा। इसके बाद इसी तरह बारी-बारी से कक्षाएं चलेंगी।
एक ही पाठ दो दिन में पढ़ाया जाएगा
स्कूल की इस नई व्यवस्था के कारण बसों पर निर्भर विद्यार्थियों को सप्ताह में केवल करीब तीन दिन ही स्कूल पहुंचने का मौका मिल रहा है। छात्रों को सोमवार को पढ़ाया गया पाठ अगले दिन छात्राओं को पढ़ाया जाएगा, ताकि दोनों समूहों का पाठ्यक्रम प्रभावित न हो।
स्कूल प्रशासन का कहना है कि जिन विद्यार्थियों के पास अपना निजी वाहन है या जो अपने स्तर पर स्कूल पहुंच सकते हैं, वे रोजाना कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। लेकिन परिवहन सुविधा के लिए स्कूल बसों पर निर्भर विद्यार्थियों को फिलहाल इसी व्यवस्था के तहत पढ़ाई करनी होगी।
बसों की कमी को लेकर स्कूल प्रबंधन का यह फैसला अब चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल उठ रहा है कि परिवहन व्यवस्था की कमी का असर आखिर बच्चों की नियमित पढ़ाई पर क्यों पड़ रहा है।