12वीं के बाद अब पढ़ाई के साथ कमाई का मौका, AEDP में डिग्री के साथ मिलेगी जॉब ट्रेनिंग

Knews Desk– 12वीं पास करने के बाद अगर आप ऐसा कोर्स करना चाहते हैं, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स और इंडस्ट्री का अनुभव भी मिले, तो बिहार में शुरू किया गया Apprenticeship Embedded Degree Programme (AEDP) आपके लिए अहम हो सकता है. इस प्रोग्राम की खासियत यह है कि इसमें स्टूडेंट्स को ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ उद्योग आधारित ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप का मौका मिलेगा. अप्रेंटिसशिप के दौरान स्टाइपेंड का भी प्रावधान किया गया है.

AEDP को UGC और नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है. इसका उद्देश्य पारंपरिक डिग्री के साथ छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करना है. यानी स्टूडेंट्स केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री में काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा. 12वीं पास विद्यार्थी इस प्रोग्राम में एडमिशन ले सकते हैं.बिहार में फिलहाल AEDP को पायलट स्तर पर शुरू किया गया है. इसके लिए BRABU यानी बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय से जुड़े तीन कॉलेजों का चयन किया गया है. इनमें लक्ष्मी नारायण दूबे कॉलेज, मोतिहारी समेत अन्य कॉलेज शामिल हैं. प्रोग्राम में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सितंबर से नए सत्र की शुरुआत किए जाने की तैयारी है.

AEDP चार साल का ग्रेजुएशन प्रोग्राम होगा. इसमें कुल 8 सेमेस्टर होंगे. इसकी संरचना इस तरह तैयार की गई है कि करीब 75 फीसदी हिस्सा अकादमिक शिक्षा का होगा, जबकि 25 फीसदी हिस्से में उद्योग आधारित स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी. इस तरह छात्रों को डिग्री के साथ-साथ रोजगार की जरूरतों के मुताबिक व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा.इस प्रोग्राम की सबसे खास बात इसका अप्रेंटिसशिप मॉडल है. AEDP के तीसरे वर्ष में स्टूडेंट्स को उद्योगों में स्टाइपेंड वाली अप्रेंटिसशिप के लिए भेजा जाएगा. यह ट्रेनिंग अनिवार्य होगी. इसका मतलब है कि प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले छात्रों को सिर्फ कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री के साथ काम करके व्यावहारिक अनुभव भी हासिल करना होगा.

AEDP के तहत अलग-अलग रोजगार केंद्रित ग्रेजुएशन कोर्स भी शुरू किए गए हैं. इनमें BA in Content and Creative Writing, B.Com in Banking, Financial Services and Insurance (BFSI) और B.Com in Retail Operations जैसे कोर्स शामिल हैं. इन कोर्स को सामान्य ग्रेजुएशन डिग्री की तरह मान्यता प्राप्त होगी. यानी छात्र इन डिग्री कोर्स को पूरा करने के बाद आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए अपनी योग्यता का इस्तेमाल कर सकेंगे.AEDP का मकसद पढ़ाई और रोजगार के बीच की दूरी को कम करना है. अक्सर कॉलेज से डिग्री हासिल करने के बाद युवाओं को नौकरी के लिए अलग से स्किल ट्रेनिंग और अनुभव हासिल करना पड़ता है. AEDP में इसी कमी को दूर करने की कोशिश की गई है. इसमें छात्रों को पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जाएगा.

स्टूडेंट्स के लिए इसका फायदा यह है कि चार साल के अंत तक उनके पास ग्रेजुएशन की डिग्री, इंडस्ट्री आधारित स्किल और अप्रेंटिसशिप का अनुभव होगा. इसके अलावा अप्रेंटिसशिप के दौरान स्टाइपेंड मिलने से छात्रों को आर्थिक सहयोग भी मिलेगा. हालांकि स्टाइपेंड की राशि और अन्य विस्तृत शर्तें संबंधित संस्थान या प्रोग्राम के नियमों के अनुसार होंगी.इस तरह बिहार का AEDP मॉडल उन 12वीं पास छात्रों के लिए खास हो सकता है, जो पारंपरिक ग्रेजुएशन के साथ-साथ पढ़ाई के दौरान ही नौकरी से जुड़ा अनुभव और स्किल हासिल करना चाहते हैं.

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