53 साल बाद उसी मैदान पर भारत-पाक की जंग, 1973 का इतिहास दोहराने उतरेगी टीम इंडिया

Knews Desk– हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान की बहुप्रतीक्षित भिड़ंत का इंतजार अब खत्म होने वाला है। बुधवार, 19 अगस्त को दोनों टीमें नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित ऐतिहासिक वागेनर स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। भारतीय समयानुसार मुकाबला शाम 6:30 बजे शुरू होगा। यह मुकाबला सिर्फ दोनों पड़ोसी देशों की पुरानी प्रतिद्वंद्विता की वजह से खास नहीं है, बल्कि भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिहाज से भी बेहद अहम है।

इस मैदान का भारत-पाकिस्तान हॉकी इतिहास से खास रिश्ता है। 1973 के हॉकी वर्ल्ड कप में भी वागेनर स्टेडियम में दोनों टीमें भिड़ी थीं। उस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 1-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। अब 53 साल बाद भारतीय टीम उसी मैदान पर इतिहास दोहराने के इरादे से उतरेगी। 1973 के वर्ल्ड कप में भारत ने सिल्वर मेडल जीता था, जबकि 1975 में टीम ने अपना इकलौता हॉकी वर्ल्ड कप खिताब हासिल किया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी वर्ल्ड कप में आखिरी मुकाबला 2010 में नई दिल्ली में हुआ था। उस मैच में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 4-1 से करारी शिकस्त दी थी। इसके बाद वर्ल्ड कप में दोनों टीमों की भिड़ंत नहीं हुई। यानी 16 साल बाद एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े हॉकी मंच पर दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने होंगे।भारतीय टीम के लिए इस मुकाबले की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि पूल डी में भारत के अलावा पाकिस्तान, इंग्लैंड और वेल्स मौजूद हैं। टूर्नामेंट के नए प्रारूप में ग्रुप चरण के बाद आगे बढ़ने के लिए हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने अपने अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत से की थी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने उस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल किए थे।

इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ भारत को 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। टीम ने मुकाबले के शुरुआती हिस्से में अच्छा प्रदर्शन करते हुए 2-1 की बढ़त बनाई थी, लेकिन बाद में डिफेंस की गलतियों के कारण इंग्लैंड ने वापसी कर ली। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को अपनी रक्षापंक्ति को मजबूत रखना होगा। पाकिस्तान के खिलाफ जीत भारत की स्थिति मजबूत करेगी, जबकि ड्रॉ भी टीम को आगे बढ़ने की दौड़ में बनाए रख सकता है। मौजूदा समीकरण में पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है और उसे अपनी उम्मीदें कायम रखने के लिए जीत की जरूरत है।हॉकी वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक पांच मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने तीन और पाकिस्तान ने दो मैच जीते हैं। दोनों टीमों के बीच पहला वर्ल्ड कप मुकाबला 1971 में हुआ था। इसके बाद 1973, 1975, 1986 और 2010 में भिड़ंत हुई। यानी वर्ल्ड कप इतिहास में भारत का पाकिस्तान पर जीत का रिकॉर्ड थोड़ा बेहतर रहा है।

इस प्रतिद्वंद्विता में कई यादगार मुकाबले रहे हैं। 2010 में भारत की 4-1 की जीत में संदीप सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए दो गोल दागे थे। वह वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत के सबसे सफल स्कोररों में शामिल हैं।अब 19 अगस्त को एक बार फिर दोनों टीमें वागेनर स्टेडियम में उतरेंगी। एक तरफ 1973 की ऐतिहासिक जीत की यादें होंगी, तो दूसरी तरफ 16 साल बाद वर्ल्ड कप में आमना-सामना होने का रोमांच। भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ प्रतिष्ठा की लड़ाई नहीं, बल्कि वर्ल्ड कप के अगले चरण में पहुंचने की दिशा में एक बड़ा कदम भी होगा।

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