Knews Desk- पुणे की विशेष MP/MLA अदालत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान वीर सावरकर के परिजन सत्यकी सावरकर ने गोडसे बंधुओं को लेकर अहम बयान दिया। सत्यकी सावरकर इस मामले में शिकायतकर्ता हैं।
17 अगस्त को विशेष जज अमोल शिंदे की अदालत में राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने सत्यकी सावरकर से जिरह की। इस दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि उनके नाना गोपाल गोडसे, नाथूराम गोडसे के सगे भाई थे। उन्होंने यह भी माना कि गोडसे परिवार और सावरकर परिवार के बीच रिश्तेदारी थी।
जिरह के दौरान सत्यकी सावरकर ने कहा कि नाथूराम गोडसे और गोपाल गोडसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के सक्रिय सदस्य थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नाथूराम गोडसे हिंदू महासभा से जुड़े हुए थे।
सत्यकी ने अदालत में यह भी कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के मामले में नाथूराम गोडसे, गोपाल गोडसे और विनायक दामोदर सावरकर को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, RSS और गांधी हत्या से जुड़े कुछ सवालों पर उन्होंने अपनी जानकारी नहीं होने की बात कही।
इन सवालों पर सत्यकी सावरकर के वकील ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इनका मौजूदा मानहानि मामले से सीधा संबंध नहीं है। अदालत ने कहा कि इन आपत्तियों पर अंतिम फैसला सुनवाई के दौरान किया जाएगा।
गांधी हत्या को लेकर भी दी जानकारी
सत्यकी सावरकर ने यह भी स्वीकार किया कि नाथूराम गोडसे ने 1948 में दिल्ली के बिरला हाउस में महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या की थी। उन्होंने बताया कि नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे को फांसी की सजा सुनाई गई थी, जबकि गोपाल गोडसे को उम्रकैद की सजा मिली थी।
यह मानहानि मामला राहुल गांधी के 5 मार्च 2023 को लंदन में दिए गए भाषण से जुड़ा है। सत्यकी सावरकर का आरोप है कि राहुल गांधी ने भाषण के दौरान विनायक दामोदर सावरकर को लेकर ऐसे बयान दिए, जिन्हें उन्होंने झूठा और अपमानजनक बताया। उनका कहना है कि इन बयानों से सावरकर और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
1 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
मामले में सत्यकी सावरकर ने राहुल गांधी की आवाज का सैंपल लेने की मांग भी की है। उनका कहना है कि इससे लंदन में दिए गए भाषण की ऑडियो रिकॉर्डिंग का मिलान किया जा सकेगा। अदालत ने इस आवेदन पर सुनवाई के लिए 1 सितंबर की तारीख तय की है।
इसी दिन सत्यकी सावरकर की जिरह भी आगे जारी रहेगी।