2,350 एल्युमिनियम फॉयल रोल जब्त, BIS गाजियाबाद की बड़ी कार्रवाई; बिना लाइसेंस निर्माण का आरोप

KNEWS DESK- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के गाजियाबाद शाखा कार्यालय ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मंडोली इलाके में एक इकाई के खिलाफ बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई की है। BIS की टीम ने तलाशी और जब्ती अभियान के दौरान करीब 2,350 एल्युमिनियम फॉयल पेपर रोल जब्त किए हैं। यह कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 के कथित उल्लंघन से जुड़ी सूचना मिलने के बाद की गई।

BIS अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए उत्पादों को आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए सुरक्षित रखा गया है। मामले में उपलब्ध तथ्यों और जब्त सामग्री के आधार पर संबंधित फर्म के खिलाफ BIS अधिनियम और लागू क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मंडोली स्थित संबंधित इकाई पर की गई तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत की गई। BIS को मिली जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संबंधित परिसर की जांच की। प्रवर्तन टीम ने वहां मौजूद एल्युमिनियम फॉयल से जुड़े उत्पादों की जांच की और करीब 2,350 रोल जब्त किए। अब जब्त सामग्री और संबंधित दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

2020 में लागू हुआ था Quality Control Order

BIS के मुताबिक, एल्युमिनियम फॉयल से संबंधित उत्पादों के लिए Quality Control Order (QCO) वर्ष 2020 में अधिसूचित किया गया था। इसके तहत संबंधित उत्पादों का निर्माण निर्धारित भारतीय मानकों के अनुरूप किया जाना जरूरी है। QCO के दायरे में आने वाले उत्पादों के लिए वैध BIS लाइसेंस और ISI Mark का होना अनिवार्य है। यानी कोई भी संबंधित उद्योग बिना वैध BIS लाइसेंस और जरूरी प्रमाणन के ऐसे उत्पादों का निर्माण नहीं कर सकता। BIS का कहना है कि मानकों का पालन सुनिश्चित करना उपभोक्ताओं की सुरक्षा और उत्पादों की गुणवत्ता के लिए जरूरी है।

अधिकारियों की टीम ने की छापेमारी

इस प्रवर्तन कार्रवाई का नेतृत्व शैलेंद्र कुमार वर्मा, वैज्ञानिक-सी एवं उप निदेशक और राज कुमार, वैज्ञानिक-बी एवं सहायक निदेशक ने किया। उनके साथ BIS गाजियाबाद शाखा कार्यालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। टीम ने संबंधित इकाई में तलाशी अभियान चलाया और मौके से एल्युमिनियम फॉयल के रोल जब्त किए। BIS के मुताबिक, जब्त सामग्री को सुरक्षित रखा गया है ताकि जांच के दौरान इसकी गुणवत्ता, प्रमाणन और निर्माण से जुड़े पहलुओं की जांच की जा सके।

फर्म के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई

BIS गाजियाबाद शाखा कार्यालय की वरिष्ठ अधिकारी जी. भवानी, वैज्ञानिक-एफ और वरिष्ठ निदेशक एवं प्रमुख ने बताया कि संबंधित फर्म के खिलाफ BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और जब्त सामग्री के आधार पर यह तय किया जाएगा कि संबंधित इकाई ने अनिवार्य प्रमाणन से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं।

उपभोक्ताओं से BIS मार्क जांचने की अपील

भारतीय मानक ब्यूरो ने उपभोक्ताओं और उद्योगों से अपील की है कि वे अनिवार्य प्रमाणन के दायरे में आने वाले उत्पाद खरीदते समय उनकी प्रामाणिकता और BIS लाइसेंस की वैधता जरूर जांचें। BIS ने यह भी कहा है कि BIS मानकों या ISI चिन्ह के दुरुपयोग से जुड़ी शिकायत मिलने पर इसकी जानकारी BIS CARE App, संबंधित ई-मेल या गाजियाबाद शाखा कार्यालय को दी जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने की बात भी कही गई है।

फिलहाल मंडोली की संबंधित इकाई से जब्त किए गए करीब 2,350 एल्युमिनियम फॉयल रोल जांच के दायरे में हैं। BIS की ओर से कहा गया है कि मामले में लागू नियमों के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

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