Knews Desk– रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग एक बार फिर बड़े औद्योगिक ठिकानों तक पहुंच गई है. रूस ने यूक्रेन के क्रिवी रीह शहर में भारतीय मूल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल की कंपनी आर्सेलरमित्तल के स्टील प्लांट पर मिसाइल हमला किया. इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 कर्मचारी घायल हुए हैं. हमले के बाद प्लांट की कुछ उत्पादन गतिविधियों को रोकना पड़ा है.यह हमला 16 अगस्त की रात हुआ और जिस प्लांट को निशाना बनाया गया, वह यूक्रेन की सबसे बड़ी एकीकृत स्टील इकाइयों में से एक है. यह क्रिवी रीह में स्थित है, जो यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का गृह शहर भी है. आर्सेलरमित्तल क्रिवी रीह ने बताया कि हमले में बिजली उत्पादन से जुड़ी अहम सुविधाओं और ब्लास्ट फर्नेस सेक्टर को नुकसान पहुंचा है. इसके चलते प्लांट में उत्पादन प्रक्रिया आंशिक रूप से रोकनी पड़ी.
हमले में दो लोगों की जान जाने के साथ 14 लोग घायल हुए हैं. कंपनी अब नुकसान का आकलन कर रही है और प्रभावित हिस्सों को दोबारा चालू करने की तैयारी में जुटी है. ताजा रिपोर्टों के मुताबिक हमले से प्लांट के महत्वपूर्ण ऊर्जा और उत्पादन ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे युद्ध के बीच पहले से दबाव झेल रहे यूक्रेन के औद्योगिक क्षेत्र के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है.रूस और यूक्रेन के बीच यह हमला ऐसे समय हुआ जब दोनों देशों के बीच हवाई हमलों में तेजी देखी जा रही है. इससे पहले यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए थे. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस हमले की लहर के दौरान रूस में 822 यूक्रेनी ड्रोन गिराए गए. मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, इस हमले में एक 83 वर्षीय व्यक्ति की भी मौत हुई.
रूस के मुताबिक उसके हमले यूक्रेन के सैन्य और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए. दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस पर महत्वपूर्ण और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. क्रिवी रीह में मित्तल के स्टील प्लांट पर हमला इसी बढ़ते संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है.रूस के दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव क्षेत्र में भी यूक्रेनी ड्रोन हमलों की खबर सामने आई. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक कई शहरों को निशाना बनाया गया और इन हमलों में लोगों की मौत हुई. कई घरों और एक रेलवे स्टेशन को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है. इस दौरान रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों में से एक वाइल्डबेरीज के गोदाम में भी आग लगने की खबर सामने आई.
लक्ष्मी मित्तल का यह प्लांट यूक्रेन के लिए आर्थिक और औद्योगिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. युद्ध के दौरान यहां उत्पादन पहले भी कई बार प्रभावित हुआ है. अब ताजा मिसाइल हमले में बिजली और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने से उत्पादन पर फिर असर पड़ा है. कंपनी की प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित ढांचे को सुरक्षित करना, नुकसान का आकलन करना और उत्पादन को जल्द से जल्द सामान्य करना है.रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दोनों तरफ से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं. ऐसे में किसी बड़े औद्योगिक संयंत्र पर हमला सिर्फ स्थानीय स्तर पर नुकसान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे रोजगार, उत्पादन और पूरी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है. मित्तल के स्टील प्लांट पर हुआ ताजा हमला इसी बढ़ते संकट की एक और गंभीर तस्वीर पेश करता है.