One-Day Cup Final में गुरु के चेले और पिता के शागिर्द की भिड़ंत, किसके सिर सजेगा ताज?

Knews Desk– इंग्लैंड के घरेलू वनडे कप 2026 के दोनों सेमीफाइनल मुकाबले खत्म होने के साथ ही टूर्नामेंट के फाइनल की तस्वीर साफ हो गई है. 20 सितंबर को खेले जाने वाले खिताबी मुकाबले में लीसेस्टरशर और मिडिलसेक्स की टीमें आमने-सामने होंगी. दोनों टीमों ने अपने-अपने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट कटाया है. खास बात यह है कि दोनों टीमों की जीत में ऐसे खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा, जिनकी क्रिकेट की कहानी उनके परिवार और भारतीय क्रिकेट से भी जुड़ती है.लीसेस्टरशर ने पहले सेमीफाइनल में नॉटिंघमशर को 23 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई. इस मुकाबले में लीसेस्टरशर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 303 रन बनाए. टीम के लिए 20 साल के हमजा शेख ने शानदार शतक लगाया. उन्होंने 109 गेंदों का सामना करते हुए 104 रन की पारी खेली. उनकी इस पारी ने लीसेस्टरशर को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई.

हमजा शेख का नाम भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने भारत के युवा बल्लेबाज सरफराज खान के पिता और क्रिकेट कोच नौशाद खान से ट्रेनिंग ली है. पिछले साल भारत की अंडर-19 टीम के खिलाफ टेस्ट मैच से पहले हमजा ने नौशाद खान से प्रशिक्षण लिया था. उस समय वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे. नौशाद खान के मार्गदर्शन के बाद हमजा ने शानदार वापसी की और भारत की अंडर-19 टीम के खिलाफ शतक भी लगाया था. अब वनडे कप के सेमीफाइनल में उनके बल्ले से निकला शतक उनकी शानदार फॉर्म की कहानी बयां कर रहा है.लीसेस्टरशर के 304 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नॉटिंघमशर की टीम 49 ओवर में 280 रन पर ऑलआउट हो गई. इस तरह लीसेस्टरशर ने 23 रन से मुकाबला अपने नाम कर फाइनल में प्रवेश किया.

वहीं दूसरे सेमीफाइनल में मिडिलसेक्स ने डरहम को 2 विकेट से हराया. इस जीत के सबसे बड़े नायक रहे ल्यूक हॉलमैन. उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया. डरहम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 254 रन बनाए. मिडिलसेक्स की ओर से ल्यूक हॉलमैन ने गेंदबाजी में 3 विकेट हासिल किए.इसके बाद जब मिडिलसेक्स की टीम 255 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो हॉलमैन ने बल्ले से भी कमाल कर दिया. उन्होंने 100 गेंदों में नाबाद 83 रन की पारी खेली और अपनी टीम को 2 विकेट से जीत दिलाकर फाइनल में पहुंचाया.

ल्यूक हॉलमैन की क्रिकेट यात्रा भी उनके पिता से जुड़ी है. उन्होंने क्रिकेट का शुरुआती ज्ञान अपने पिता पीटर हॉलमैन से हासिल किया. पीटर हॉलमैन इंग्लैंड के क्लब क्रिकेट में जाना-पहचाना नाम हैं और उन्होंने पैसेफिक क्रिकेट क्लब की स्थापना भी की थी. इसी क्लब में ल्यूक ने अपने क्रिकेट को निखारा.अब 20 सितंबर को होने वाले फाइनल में हमजा शेख और ल्यूक हॉलमैन पर खास नजरें रहेंगी. एक खिलाड़ी ने नौशाद खान से ट्रेनिंग लेकर अपनी बल्लेबाजी को नई दिशा दी है, जबकि दूसरे ने अपने पिता से क्रिकेट की बारीकियां सीखकर टीम को फाइनल तक पहुंचाया है. ऐसे में लीसेस्टरशर और मिडिलसेक्स के बीच होने वाला यह मुकाबला सिर्फ खिताबी जंग ही नहीं, बल्कि दो क्रिकेटिंग सफर की दिलचस्प टक्कर भी बन गया है.

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