देश की सुरक्षा, सेवा और बहादुरी में योगदान देने वाले पुलिस, फायर सर्विस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और जेल विभाग के 1057 कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस 2026 पर वीरता एवं सेवा पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 301 गैलेंट्री मेडल, 92 राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और 664 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं।
Knews Desk- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले पुलिस एवं अन्य सुरक्षा सेवाओं के जवानों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। कुल 1057 कर्मियों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में पदक प्रदान किए गए हैं।
इस साल कुल 301 कर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। इनमें 272 पुलिसकर्मी और 29 फायर सर्विस के कर्मचारी शामिल हैं। सबसे अधिक 197 वीरता पदक नक्सल प्रभावित यानी लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म प्रभावित क्षेत्रों में साहसिक कार्रवाई के लिए दिए गए हैं।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ड्यूटी निभाने वाले 51 जवानों और नॉर्थ-ईस्ट में बहादुरी दिखाने वाले 12 कर्मियों को भी गैलेंट्री मेडल मिला है। देश के अन्य हिस्सों में अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले 41 जवान भी इस सूची में शामिल हैं।
92 अधिकारियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक
लंबे समय तक उत्कृष्ट और उल्लेखनीय सेवा के लिए 92 कर्मियों को प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस दिया गया है। इनमें 83 पुलिसकर्मी, 4 फायर सर्विस कर्मी, 3 होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस कर्मचारी और 2 करेक्शनल सर्विस के कर्मी शामिल हैं।
राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक पाने वालों में उत्तर प्रदेश के 6 अधिकारी शामिल हैं। इनमें डीजीपी ध्रुव कांत ठाकुर, एडीजी पद्मजा चौहान, एडीजी प्रशांत कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट देव नारायण यादव, असिस्टेंट कमांडेंट अजय कुमार त्रिपाठी और डिप्टी एसपी विकास श्रीवास्तव का नाम शामिल है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल के पुलिस कमिश्नर अजय नंद, जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शोकेट हुसैन शाह और पुडुचेरी के एसपी रंगनाथन बी को भी यह सम्मान मिला है।
BSF, CRPF और अन्य केंद्रीय बलों के अधिकारी भी सम्मानित
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में BSF के 5 अधिकारियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक दिया गया है। इनमें आईजी मांगी लाल गर्ग, आईजी चारु ध्वज अग्रवाल, डीआईजी अशोक कुमार, डीआईजी धीरेंद्र सिंह सिंधु और सेकेंड-इन-कमांड अमरवीर यादव शामिल हैं। इसके अलावा CRPF के 5, ITBP के 3, CISF के 2 और SSB के 2 अधिकारियों-कर्मचारियों को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है। NSG के ग्रुप कमांडर राकेश शर्मा को भी राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है।
सम्मान पाने वालों में विभिन्न केंद्रीय जांच और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हैं। CBI के 6, NIA के 2, NDRF के 1 और SPG के 1 अधिकारी को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक दिया गया है। गृह मंत्रालय के 8 अधिकारियों-कर्मचारियों को भी यह सम्मान मिला है। रक्षा उत्पादन विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक साजिद फरीद शापू और RPF के असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर राजेश लाल को भी राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है।
664 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक
स्वतंत्रता दिवस पर 664 कर्मियों को मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस यानी सराहनीय सेवा पदक दिया गया है। इनमें 606 पुलिसकर्मी, 28 फायर सर्विस कर्मी, 18 होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस कर्मचारी और 12 करेक्शनल सर्विस कर्मी शामिल हैं।
राज्यों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा। यूपी के 75 पुलिसकर्मियों को यह सम्मान मिला है। इसके अलावा महाराष्ट्र के 37, तमिलनाडु के 17, कर्नाटक के 17, मध्य प्रदेश के 16, बिहार के 15 और गुजरात के 17 पुलिसकर्मी सम्मानित हुए हैं। दिल्ली पुलिस के 15, जम्मू-कश्मीर के 13, पंजाब के 11 और राजस्थान के 14 पुलिसकर्मियों को भी सराहनीय सेवा पदक दिया गया है।
केंद्रीय बलों में BSF के 42, CRPF के 57, CISF के 22, ITBP के 11, SSB के 11 और असम राइफल्स के 13 कर्मियों को MSM से सम्मानित किया गया है। NSG के 4 अधिकारियों को भी यह पदक मिला है।इसके अलावा CBI के 15, RPF के 15, NIA के 3, NDRF के 3, SPG के 5 और NCB के 2 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया है।
फायर सर्विस के 28, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के 16 और जेल विभाग के 12 कर्मियों को भी उनकी उल्लेखनीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया है।
चारों सेवाओं में 1057 पदक
स्वतंत्रता दिवस 2026 पर पुलिस, फायर सर्विस, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस को मिलाकर कुल 1057 पदक दिए गए हैं। इनमें 301 गैलेंट्री मेडल, 92 प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस और 664 मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस शामिल हैं।
इन सम्मानों के जरिए देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और जेल प्रशासन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और लंबे समय की उत्कृष्ट सेवा को सम्मान दिया गया है।