KNEWS DESK- देश 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। करीब डेढ़ घंटे से अधिक के भाषण में पीएम मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य, आत्मनिर्भरता, युवाओं, महिला सशक्तिकरण, तकनीक और अर्थव्यवस्था को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जो काम पिछले 5 से 7 दशकों में नहीं हो सका, उसे आने वाले 5 से 7 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना है। देश को अपनी क्षमताओं और संसाधनों के दम पर आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में चीजें सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं, लेकिन इससे भारत की अपनी क्षमता विकसित नहीं होगी। इसलिए अपने हितों की सुरक्षा और अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए देश को आत्मनिर्भर बनना होगा।
‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का विजन सामने रखा। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर को शामिल किया गया।
उन्होंने कहा कि भारत को छोटे-छोटे पुर्जों से लेकर बड़े उत्पाद तक देश में बनाने होंगे। इसके लिए लागत, गुणवत्ता और बड़े पैमाने पर उत्पादन पर ध्यान देना जरूरी है।
सेमीकंडक्टर और एनर्जी सिक्योरिटी
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा सुरक्षा को भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और आने वाले समय में 4 से 5 और प्लांट शुरू किए जाएंगे। भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
युवाओं और Gen Z पर फोकस
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी और सबसे बड़ा साधक देश का युवा होगा। उन्होंने Gen Z और Gen Alpha की क्षमता पर भरोसा जताते हुए युवाओं को नई तकनीक और आधुनिक कौशल से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं की प्रतिभा को ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर टैलेंट हंट की जरूरत भी बताई।
संकटों के बीच भारत की ताकत
पीएम मोदी ने कोरोना महामारी और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे युद्धों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन संकटों के बावजूद भारत ने अपनी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता दिखाई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में पेट्रोल, डीजल और यूरिया की कमी को लेकर डर फैलाते रहे, लेकिन देश ने हर चुनौती का सामना किया।
उन्होंने कहा कि किसानों को करीब 3,000 रुपये की कीमत वाला यूरिया लगभग 300 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि DAP की कीमत 1,350 रुपये रखी गई है।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य मजबूत नींव पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश अब रुकने वाला नहीं है और उसकी दिशा तय हो चुकी है। उन्होंने भारतीय कंपनियों के वैश्विक विस्तार का लक्ष्य रखते हुए कहा कि आने वाले दशक में Fortune 500 की सूची में कम से कम 50 भारतीय कंपनियां क्यों नहीं हो सकतीं।
नक्सलवाद पर भी संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने लंबे समय तक लाखों युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि 2014 में लिए गए संकल्प के बाद देश नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में आगे बढ़ा है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सलवाद’ को लेकर भी सतर्क रहने की अपील की।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिलाओं को 33 फीसदी भागीदारी देने की दिशा में आगे आने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बनेगा। इसके लिए देश के हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मिलकर आगे बढ़ने का संकल्प लेने की अपील की।